शाजापुर:कांग्रेस में एक बार फिर पद को लेकर रस्साकशी और घमासान देखने को मिल रहा है. कराड़ा कांग्रेस नहीं चाहती है कि वर्तमान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इरशाद की दुबारा ताजपोशी हो, इसलिए कराड़ा कांग्रेस की तरफ से नईम कुरैशी का नाम आगे बढ़ाया गया है. हालांकि पहले जुनैद मंसूरी का नाम चर्चा में था. शकील वारसी ने भी आवेदन दिया, लेकिन अब मुस्लिम नेता और कराड़ा कांग्रेस के बीच गले की फांस बन गया है ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का पद.
गौरतलब है कि शाजापुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर पिछले दिनों मुस्लिम नेताओं की बैठक हुई, जिसमें लगभग सभी मुस्लिम नेताओं ने इरशाद खान को ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की वकालत की. लेकिन दूसरी ओर कराड़ा कांगे्रस किसी भी कीमत पर इरशाद खान को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनने देना चाहती है. कराड़ा कांग्रेस की बात करें, तो नईम कुरैशी को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के लिए उनके नाम का पत्र भोपाल भी पहुंचा दिया गया है.
अब देखना यह है कि शाजापुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर मुहर मुस्लिम नेताओं के कहने पर लगती है या कराड़ा कांग्रेस की अनुशंसा पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनता है. वर्तमान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इरशाद खान के समर्थन में मुस्लिम नेताओं के साथ-साथ समाज के कई लोग भी बैठक में शामिल हुए थे, जिन्होंने इरशाद खान को ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने की वकालत की.
लेकिन कुछ कांग्रेसी नेता हर हाल में इरशाद खान को हटाकर नईम को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहते हैं. अब हो सकता है आने वाले समय में इरशाद और नईम के विवाद में किसी तीसरे के नाम की ही लॉटरी खुल जाए. क्योंकि जुनैद मंसूरी किसी भी स्थिति में नहीं बन रहे हैं. इरशाद और नईम के मामले में सहमति नहीं बनती है, तो शकील वारसी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में चुने जा सकते हैं.
एस-आई इरशाद के साथ, कांग्रेसी नेता नईम के साथ
कांग्रेस की राजनीति में अल्पसंख्यक नेताओं की बात करें, तो वर्तमान में ट्रिपल एस के रूप में तीन नाम शहर की राजनीति में देखने को मिलते हैं. शेख शम्मू, सलीम सदर, सोहराब बेग. हालांकि मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष और शहर कांग्रेस अध्यक्ष याने आई इमरान खरखरे भी अल्पसंख्यक नेता के रूप में कांग्रेस मेंअपना वजन समय-समय पर दिखाते रहते हैं. कांग्रेस के अल्पसंख्यक नेता ट्रिपल एस का समर्थन वर्तमान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इरशाद खान के साथ है. बैठक में भी अल्पसंख्यक नेताओं ने इरशाद को ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मंशा जाहिर की है. तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के अन्य नेता नईम कुरैशी को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. पिछले दिनों भोपाल में भी नईम के समर्थन में पत्र कांग्रेसी नेताओं ने सौंपा है. अब देखना यह है कि इस बार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष में कांग्रेस के अल्पसंख्यक नेताओं की चलती है या फिर कराड़ा कांग्रेस की.
अब भोपाल पर टिकी हैं निगाहें…
शाजापुर कांग्रेस की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का जबरदस्त दखल है. क्योंकि हुकुमसिंह कराड़ा दिग्विजय सिंह खेमे के ही माने जाते हैं. अब देखना यह है कि शाजापुर में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का पद किसको मिलता है. वैसे अब मामला पीसीसी में जाकर अटक गया है. अब प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ही तय करेंगे कि वे कराड़ा कांग्रेस समर्थक नईम कुरैशी को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनाते हैं या अल्पसंख्यक कांग्रेस नेता समर्थक इरशाद को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनाते हैं.
दोनों के बीच ही होगा पद को लेकर फैसला…
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के लिए अब सशक्त दावेदार इरशाद खान और नईम कुरैशी हैं और दोनों के बीच ही फैसला होगा. यदि आम राय नहीं बनती है, तो फिर किसी तीसरे के भाग्य की लॉटरी खुल सकती है. हालांकि इरशाद खान का पलड़ा अभी भारी है, लेकिन नईम कुरैशी के साथ भी कराड़ा कांग्रेस का साथ है. अब देखना है कि आने वाले समय में शाजापुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुरैशी होते हैं या खान.
