सालों से जिला पंचायत में पदस्थ हैं उपायुक्त
जबलपुर: जिला पंचायत जबलपुर में पदस्थ अति मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज कुमार सिंह पर लगातार दूसरे स्थानांतरण के बावजूद पद नहीं छोड़ने के आरोप लग रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उपायुक्त मनोज सिंह पिछले लगभग 12 वर्षों से जबलपुर जिला पंचायत कार्यालय में ही पदस्थ हैं और इस दौरान उनका दो बार तबादला हो चुका है, लेकिन वे अब तक कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। शासन के नियमों के अनुसार, किसी भी अधिकारी को स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद निर्धारित समय सीमा में नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य है। लेकिन मनोज कुमार सिंह का एक ही स्थान पर इतने लंबे समय तक बने रहना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है।
2021 में टीकमगढ़ हुआ था तबादला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहला स्थानांतरण वर्ष 2021 में टीकमगढ़ जिले के लिए हुआ था, जहां उन्हें अति मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करना था। 5 अगस्त 2021 को जारी आदेश के बावजूद वे टीकमगढ़ नहीं गए और जबलपुर में ही कार्य करते रहे।
हाल ही में भोपाल से आया था बुलावा
2021 के बाद हाल ही में इसी वर्ष 6 जून 2025 को शासन ने पुनः उनका स्थानांतरण जबलपुर से भोपाल किया गया है। इस आदेश में उन्हें विकास आयुक्त कार्यालय, भोपाल में पदस्थ किया गया था। परंतु चार महीने बीत जाने के बाद भी उन्होंने जबलपुर जिला पंचायत से कार्यभार नहीं छोड़ा है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चाएं
सूत्रों की मानें तो मनोज कुमार सिंह अब भी जिला पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं और कई प्रशासनिक कार्यों में उनकी भूमिका बनी हुई है। यह भी चर्चाएं सामने आ रही हैं कि किसी राजनैतिक संरक्षक के चलते वह इतने लंबे समय तक एक ही जगह पर बने हुए हैं।
