गुना: दिवाली की रौनक खत्म होते ही शहर के दशहरा मैदान में स्थापित आतिशबाजी बाजार में अवैध वसूली के आरोपों ने खलबली मचा दी है। सैकड़ों दुकानदारों ने साल भर की मेहनत के बाद बाजार में दुकानें लगाईं, लेकिन उनका कहना है कि नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने निजी व्यक्ति के माध्यम से 500-500 रुपए की जबरन वसूली की।दुकानदारों ने बताया कि बाजार में आने-जाने के लिए खुला रखा गया मार्ग बंद कर दिया गया और उसे खोलने के लिए प्रत्येक दुकानदार से राशि मांगी गई। यदि तय समय तक भुगतान नहीं किया जाता, तो रास्ता बंद करने की धमकी दी गई। यह धमकी व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजे गए संदेशों और वीडियो के माध्यम से दी गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
एक दुकानदार ने बताया कि उन्होंने पहली बार पैसे व्यक्तिगत तौर पर दिए, लेकिन अगले ही दिन जेसीबी से मार्ग खोल दिया गया। वायरल वीडियो और स्क्रीनशॉट में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि दुकानदारों से अवैध तरीके से पैसे वसूले गए।दुकानदारों का आरोप है कि इस वसूली में शामिल कर्मचारी पहले भी विवादों में रहे हैं और अन्य स्थायी कर्मचारी उनके सामने नतमस्तक हैं। शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने कहा, इस तरह का कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ संविदा कर्मियों की वजह से नगरपालिका की छवि प्रभावित हो रही है। वरिष्ठ नेतृत्व और संगठन से इस मामले में चर्चा की जाएगी।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्क्रीनशॉट ने नागरिकों में भी गहरा असंतोष पैदा किया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर क्यों दिवाली की रौनक और आतिशबाजी के बीच शहर में अवैध वसूली के मामले सामने आ रहे हैं।
