इंदौर: दीपावली के बाद अब इंदौर में आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियां अंतिम दौर में हैं. शहर में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के हजारों परिवार छट पूजा करेंगे. सूर्य उपासना के इस महापर्व को मनाने के लिए इस वर्ष इंदौर में लगभग 150 से अधिक स्थानों पर घाटों निर्माण किया गया है.आज महापौर पुष्यमित्र भार्गव और एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर एवं निगम अधिकारियों ने पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान के पदाधिकारियों के साथ विजयनगर स्थित छठ घाट का निरीक्षण किया.
महापौर ने बताया कि नगर निगम द्वारा सभी घाटों और बगीचों की सफाई, रंग-रोगन और जल की स्वच्छता का कार्य पूरा कर लिया गया है. निरीक्षण के दौरान महापौर भार्गव ने कहा कि पूरा इंदौर में छठ पूजा पूरा शहर मनाता है. हर वर्ष की तरह इस बार भी नगर निगम ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर दो प्रमुख स्थलों पर विशेष घाटों का निर्माण किया जा रहा है, जहां विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो. छठ पर्व का 25 अक्टूबर से ‘नहाय-खाय’ से शुरू होगा. 26 को ‘खरना’ व्रत और 27 को तालाबों और जलाशयों में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे. 28 अक्टूबर को सूर्य उदय पर अर्घ्य देकर पर्व का समापन होगा.
जल प्रबंधन व स्वच्छता की विशेष व्यवस्था
माना जा रहा है कि इस वर्ष इंदौर में अनुमानित ढाई से तीन लाख श्रद्धालु छट पूजा पर्व में शामिल होंगे. इसके लिए नगर निगम ने सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, जल प्रबंधन और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई हैं. महापौर ने इस अवसर पर पूर्वांचल समाज और छट पूजा करने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है.
