सीहोर। जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का उत्साह देखने को मिला है. गत वर्ष की तुलना में इस बार पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही पंजीकृत रकबे में भी करीब 26 हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अंतिम दिन तक बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीयन कराया और कुल पंजीयन 10 हजार से अधिक बढ़ गए.
मंगलवार को पंजीयन का अंतिम दिन था. इसके बावजूद जिले में कुल 98 हजार 508 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 88 हजार 292 थी. इस प्रकार इस वर्ष करीब 10 हजार किसानों की वृद्धि दर्ज की गई है. खास बात यह है कि एक सप्ताह पहले तक पंजीयन की संख्या पिछले साल से लगभग 6 हजार कम थी, लेकिन अंतिम दिनों में किसानों ने तेजी से पंजीयन कराया और आंकड़ा पिछले वर्ष से अधिक पहुंच गया.
इस वर्ष पंजीकृत कृषि रकबा भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है. 10 मार्च की स्थिति में जिले में कुल 2 लाख 66 हजार 461.97 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत हुआ है. पिछले वर्ष की तुलना में करीब 26 हजार हेक्टेयर रकबा बढ़ा है, जो इस बात का संकेत है कि इस बार अधिक किसान अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए आगे आए हैं. हालांकि इस बार पंजीयन प्रक्रिया के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आईं. गिरदावरी का कार्य देरी से पूरा हुआ और मार्च माह में कई बार सर्वर में तकनीकी दिक्कतें भी आती रहीं. इसके बावजूद किसानों ने अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में पंजीयन कराया.
इस बीच मंगलवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आगामी गेहूं खरीदी को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई. कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी खरीदी केंद्रों पर समय रहते व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य 16 मार्च से शुरू किया जाएगा. इसके लिए प्रशासन द्वारा खरीदी केंद्रों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिनमें तौल कांटे, बारदाना, परिवहन और भंडारण की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. प्रशासन का प्रयास है कि खरीदी प्रक्रिया सुचारु और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में केन्द्र पर किसी प्रकार की असुविधा न हो.
