इंदौर:पूर्वी रिंग रोड पर निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के बीच गाजर घास उग रही है। इसका कारण यह है कि ब्रिज का काम बहुत धीमा चल रहा है और मुख्य स्पॉन के दोनों ओर ब्रिज की चढ़ाई में मिट्टी मुरम डालकर छोड़ दिया गया है. खास बात यह है कि ब्रिज निर्माण पूरा होने के पहले ही ब्रिज की ऐसी दुर्दशा है, तो आगे ब्रिज का क्या होगा समझा जा सकता है.मूसाखेड़ी चौराहे पर मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ओवर ब्रिज बना रहा है. उक्त ब्रिज 8 मीटर लंबा और छह लेन चौड़ा बनाया जा रहा है. इसकी लागत 67 करोड़ रुपए है. उक्त ब्रिज निर्माण पूरा होने की समय सीमा मार्च 2026 है, लेकिन ब्रिज निर्माण दिसंबर तक भी पूरा हो जाए, तो बड़ी बात होगी.
इंदौर में यातायात को सुगम बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, नगर निगम, आईडीए, पीडब्ल्यूडी सहित सभी विभाग अलग अलग क्षेत्रों में विकास कार्य कर रहे हैं. शहर में बढ़ते वाहनों और सकरी पड़ती सड़कों को लेकर प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने का बीड़ा उठाया है, मगर यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और ओवरब्रिज के काम सुधार की बजाय यातायात जाम का कारण बन गए है. पूर्वी रिंग रोड पर मूसाखेड़ी चौराहे ब्रिज एमपीआरडीसी द्वारा बनाया का रहा है, लेकिन हालत यह है कि पिछले दो साल से ओवर ब्रिज का काम इतना धीमा चल रहा है कि उसके स्लोप चढ़ाई और उतार वाली जगहों पर गाजर घास उग आई है और मौके पर किसी उजाड़ स्थान का दृश्य नजर आ रहा है.
अधिकारी ने कॉल रिसीव नहीं किया
उक्त ब्रिज को 67 करोड़ रुपए की लागत से करीब 800 मीटर लंबा और सिक्स लेन चौड़ा निर्माणाधीन ब्रिज मार्च 2026 में बनकर तैयार होने की समय सीमा निर्धारित है. ब्रिज निर्माण का ठेका एमपीआरडीसी ने बड़ौदा की मेसर्स वीआरएस कंपनी को दिया है. आज की स्थिति में मूसाखेड़ी ओवर ब्रिज दिसंबर 2026 तक भी पूरा होने की संभावना कम है. इस बारे में एमपीआरडीसी के स्थानीय अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
