राजगढ़/ब्यावरा। किसानों को उनकी सोयाबीन फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना को प्राथमिकता से लागू किया है.इस योजना के तहत किसानों को मंडी में मिलने वाले मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बीच के अंतर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी. जिले की सभी कृषि उपज मंडियों में योजना के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था की है. प्रत्येक मंडी में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे.
कृषि विभाग के उपसंचालक सचिन जैन ने बताया कि जिले में 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक 85,682 किसानों ने 1,99,484 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन कराया है, जिससे राजगढ़ जिला भावांतर पंजीयन में उज्जैन के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है.
24 अक्टूबर से 15 जनवरी तक ही विक्रय अवधि
पंजीकृत किसान अपनी फसल केवल मंडी प्रांगण में ही 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक बेच सकेंगे. विक्रय किसान स्वयं या पंजीकृत नॉमिनी द्वारा ही किया जा सकेगा, जिसके लिए वैध सरकारी पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा.
सख्त निगरानी और सीसीटीवी से मॉनिटरिंग
मंडी के प्रवेश द्वार और परिसर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी. योजना का लाभ केवल एफएक्यू गुणवत्ता वाली सोयाबीन बेचने वाले पंजीकृत किसानों को मिलेगा. भुगतान किसानों के उसी बैंक खाते में किया जाएगा, जो पंजीयन के समय दर्ज किया गया है.
सोया प्लांट संचालकों से बैठक
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में सोया प्लांट संचालकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों से उचित दर पर खरीद सुनिश्चित करने और मंडियों में मूल्य स्थिरता बनाए रखने के निर्देश दिए गए.
मॉडल रेट 7 नवंबर को घोषित होगा
योजना में मॉडल रेट निर्धारण प्रक्रिया महत्वपूर्ण है. 7 नवंबर को प्रदेश स्तर से मॉडल रेट घोषित किया जाएगा, जिसके बाद 8 नवंबर से प्रतिदिन तिथिवार रेट जारी होंगे. यह जानकारी मंडियों में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी.
सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी सख्त निगरानी
जिले में बाहरी कृषि उपज की अनाधिकृत आवक रोकने के लिए खिलचीपुर में पांच और राजगढ़ में एक चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं. इन पर सीमावर्ती राज्यों से आने वाली उपज की सतत निगरानी की जाएगी.
इस तरह, जिला प्रशासन ने किसानों को भावांतर योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं.
