छतरपुर। सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता में सक्रिय डॉ. श्वेता गर्ग द्वारा जिला जेल छतरपुर में सिकल सेल एनीमिया और कैंसर जांच हेतु विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में रह रहे बंदियों की गंभीर बीमारियों की पहचान करना और समय पर उपचार उपलब्ध कराना था।
स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार हर किसी के लिए
शिविर में सिकल सेल एनीमिया, मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, स्तन एवं गर्भाशय कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच की गई। साथ ही बंदियों के ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन और ब्लड शुगर की भी जांच की गई। डॉ. गर्ग ने स्पष्ट किया कि जेल में रह रहे बंदियों को भी सामान्य नागरिकों की तरह स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता का समान अधिकार है। यह शिविर समाज को मानवीय संवेदना और समानता का महत्वपूर्ण संदेश देता है।
आनुवंशिक रोग सिकल सेल एनीमिया
सैकड़ों बंदियों की स्क्रीनिंग के दौरान कई संदिग्ध मरीजों को आगे की चिकित्सकीय जांच हेतु चिन्हित किया गया। डॉ. श्वेता गर्ग ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक रोग है, जो खासकर जनजातीय समुदायों में अधिक पाया जाता है। समय रहते इसकी पहचान हो जाए तो इसके प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मुंह, स्तन और गर्भाशय कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच और जागरूकता को जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी उपाय बताया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डॉ. गर्ग ने जानकारी दी कि भविष्य में ऐसे स्वास्थ्य शिविर अन्य जेलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति बीमारी की अनदेखी या जानकारी के अभाव में अपना जीवन न गंवाए।
