
उज्जैन। दिवाली से पहले दिल्ली से महाकाल मंदिर के गर्भगृह में स्थित चांदी के रुद्र यंत्र और चांदी की दीवारों को चमकाने के लिए सुशील शर्मा व उनकी टीम उज्जैन आई हुई है। सफाई का काम शुक्रवार को भी दिनभर जारी रहा।
शर्मा व उनकी टीम के लोगों के साथ मंदिर समिति के कर्मचारी गर्भगृह में चांदी की जलाधारी से लेकर चांदी के दरवाजे आदि की सफाई कर इन्हें भी चमकाने में जुटे है। नंदी हॉल के दरवाजों के साथ ही नंदी जी की प्रतिमा को भी चमकाया जाएगा। हर साल दिवाली से पहले मंदिर समिति यह सफाई कराती है। 20 अक्टूबर को दीपावली से पहले सब चमचमाते नजर आएंगे। मंदिर परिसर में रंग-रोगन और साज-सज्जा के साथ ही शिखर पर रंगीन लाइटिंग भी कर दी गई है। समिति साल में शिवरात्रि, श्रावण मास और दीपावली जैसे बड़े पर्व पर चांदी की दीवारों, रुद्र यंत्रों और दरवाजों की सफाई और पॉलिश करवाती है। भगवान महाकाल के एक से बढक़र एक भक्त है। इसका एक उदाहरण दिल्ली के शर्मा है। ये उज्जैन आकर हमेशा अपनी पूरी टीम के साथ भगवान महाकाल की निस्वार्थ भावना से सेवा करते हैं।
महाकाल मंदिर में आज शनिवार को शनि प्रदोष व धनतेरस के संयोग के साथ दीपावली पर्व का शुभारंभ हो जाएगा। सुबह मंदिर के पुरोहित गण गर्भगृह व नंदी हॉल में धनतेरस की परंपरागत रूप से पूजन करेंगे। इस पूजन में मंदिर के सभी 22 पुरोहित व उनके प्रतिनिधि शामिल होते हैं। पुरोहित समिति के अध्यक्ष पंडित लोकेंद्र व्यास, सचिव दीपक शर्मा ने बताया कि मंदिर में होने वाले धनतेरस के पूजन में कलेक्टर, मंदिर प्रशासक सहित प्रशासन के अधिकारियों व मंदिर समिति के अधिकारियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता है। इधर महाकाल मंदिर का एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद हर कोई आश्चर्य में पड़ जाएगा कि ऐसा कैसे हो सकता है। इस वीडियो में कार्टून कैरेक्टर डोरेमॉन को महाकाल मंदिर के अंदर गर्भगृह के बाहर तक जाते दिखाया गया है। साथ ही जो सुरक्षा गार्ड उसे रोक रहा है वह जूते पहनकर खड़ा है। साथ ही वीडियो में मंदिर के बाहर 250 रुपए का पास बेचता डोरेमॉन के साथ एक युवक दिख रहा है। महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था का मखौल उड़ाते हुए बनाए गए इस फर्जी एआई वीडियो से मंदिर की छवि धूमिल हो रही है। पुजारियों में भी नाराजगी है। वीडियो में डोरेमॉन को 250 रुपए का पास खरीदने के बाद उसे गर्भगृह के बाहर तक जाकर दर्शन करते हुए दिखाया है। मामले में मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि यह वीडियो मंदिर की छवि खराब करने वाला है।
