नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अभिनेता से राजनेता बने विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी की ओर से तमिलनाडु के करूर में गत 27 सितंबर को आयोजित एक रैली के दौरान मची भगदड़ की घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इस हादसे में 41 लोगों की जान चली गयी थी।
सीबीआई की एक टीम शुक्रवार की सुबह तमिलनाडु पहुंची और टीम की करूर में घटनास्थल का दौरा करने की उम्मीद है। जांच के तौर पर अधिकारी इस हादसे में बचे लोगों और पीड़ितों के परिवारों से मिलकर उनके बयान दर्ज करेंगे।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने इस घटना की जांच संघीय एजेंसी को सौंप थी। शीर्ष अदालत ने हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय की ओर से घटना की विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच कराने के आदेश को खारिज कर दिया था। उच्च न्यायालय ने पहले एसआईटी का गठन किया था, जिसका नेतृत्व अधिकारी आशा गर्ग कर रही थीं।
श्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी ने उच्च न्यायालय के एसआईटी जांच के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत में टीवीके की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने तीन सदस्यीय समिति की निगरानी में सीबीआई जाँच का आदेश दिया। इस समिति की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी कर रहे हैं। इस समिति में तमिलनाडु कैडर के दो भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी भी शामिल होंगे, जो राज्य के मूल निवासी नहीं हैं। दोनों अधिकारियों का पद पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) से कम नहीं होना चाहिए और उन्हें न्यायमूर्ति रस्तोगी द्वारा नियुक्त किया जाएगा।

