उदयपुरा: क्षेत्र के किसानों को डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन किसान तहसील और फेडरेशन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अक्सर उन्हें केवल खाद का टोकन मिलता है, असली खाद नहीं। खेती के महत्वपूर्ण समय में यह परेशानी किसानों का समय और मेहनत दोनों बर्बाद कर रही है।
दीपावली और बोनी के मौसम के दौरान तहसील के बाहर लंबी कतारें लगी हैं, लेकिन फेडरेशन पर खाद का स्टॉक जल्दी ही खत्म हो जाता है।
मंगलवार को तहसील कार्यालय से 82 किसानों को टोकन दिए गए, लेकिन केवल 40 किसानों को ही खाद मिल सकी। अन्य किसान खाली हाथ लौट गए।किसानों का कहना है कि शासन और प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। फेडरेशन प्रभारी का कहना है कि खाद का कोटा कम है और वे जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। किसान चेतावनी देते हुए कहते हैं कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और चक्का जाम के लिए मजबूर होना पड़ेगा। क्षेत्र के किसान डीएपी-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता की तत्काल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
