
इंदौर. इंदौर से लेकर ग्वालियर तक रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर लोकायुक्त की कार्रवाई में करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति सामने आई है. शुरुआती जांच में भदौरिया के पास उनकी वैध आय से 829.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है. टीम को छापे के दौरान 1.13 करोड़ नगद, 4 किलो 221 ग्राम सोना, 7 किलो 128 ग्राम चांदी, विदेशी घड़ियां, लग्जरी सामान और निर्माणाधीन बंगला तक के सबूत मिले हैं.
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में बुधवार तड़के सुबह 6 बजे रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई की गई. इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर की टीमों ने संयुक्त रूप से यह सर्च ऑपरेशन चलाया. भदौरिया, जो अलीराजपुर में जिला आबकारी अधिकारी के पद से अगस्त 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे, उनके खिलाफ गोपनीय शिकायत के बाद लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
इंदौर के कैलाश कुंज में मिला खजाना:
लोकायुक्त टीम ने सबसे पहले पलासिया स्थित कैलाश कुंज अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 201, 402 और 403 की तलाशी ली. फ्लैट नंबर 201 से टीम को 1,13,13,612 नकद, 4 किलो 221 ग्राम सोना, 7 किलो 128 ग्राम चांदी, महंगी घड़ियां, परफ्यूम, हथियार, फर्नीचर व अन्य लग्जरी सामान मिले. मिलाकर यहां से 9.66 करोड़ की संपत्ति मिली. भदौरिया के पास 3 बैंक लॉकर और कई खाते मिले हैं, साथ ही उनके बेटे सूर्यांश और बेटी अपूर्वा द्वारा किसी जितेन्द्र चौधरी को 2.85 करोड़ उधार देने का एग्रीमेंट भी जब्त किया. वहीं फ्लैट 402 किराए पर दिया गया पाया गया, जबकि फ्लैट 403 में उनकी बेटी और दामाद रहते हैं. इस फ्लैट से 6.48 लाख की संपत्ति मिली. तीनों फ्लैटों की गाइडलाइन वैल्यू 1.92 करोड़ और अब तक का व्यय 14.49 करोड़ आंका है.
यावी ग्रीन स्कीम और काउंटीवॉक का आलीशान ठिकाना:
भदौरिया की बेटी अपूर्वा भदौरिया के नाम से यावी ग्रीन स्कीम नं.114, इंदौर में फ्लैट एफ F-401 मिला, जिसमें मूवी प्रोडक्शन से संबंधित “द डिज़ाइन चैलेंज” के दस्तावेज और उपकरण मिले. यहां 13 लाख की चल संपत्ति और 37.25 लाख का फ्लैट, मिलाकर 50.32 लाख का निवेश पाया गया. वहीं काउंटीवॉक इलाके में 4700 वर्गफुट के भूखंड पर तीन मंजिला 12,000 वर्गफुट का निर्माणाधीन बंगला मिला, जिसकी कीमत गाइडलाइन के अनुसार 3.36 करोड़ आँकी गई है.
ऑफिस और ग्वालियर स्थित पैतृक आवास पर भी सर्च:
लोकायुक्त टीम ने बिजनेस स्काई पार्क स्थित कार्यालयों की भी तलाशी ली, जहां से कई वित्तीय दस्तावेज और निवेश संबंधी पेपर बरामद किए. साथ ही ग्वालियर में स्थित उनके पैतृक आवास 160 गुना 80 वर्गफुट पर भी कार्रवाई की गई, जहां से 22.78 लाख की संपत्ति मिली.
कुल संपत्ति और आय का अंतर:
अब तक की कार्रवाई में 18.59 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, जबकि भदौरिया की सेवाकालीन वैध आय सिर्फ 2 करोड़ मानी जा रही है. यानी उन्होंने 829.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है. लोकायुक्त सूत्रों का कहना है कि बैंक लॉकर, बीमा पॉलिसी, जमीन के सौदे और उधार राशि की जांच के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.
