
मंडला। दीपावली पर्व पर वोकल फॉर लोकल की भावना को प्रोत्साहित करते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक रजत सकचेला ने मंडला के स्थानीय कलाकारों से मिट्टी और गोबर से बने गोंडी आर्ट के आकर्षक दीये तथा सजावटी सामग्री खरीदी। अधिकारियों ने स्थानीय बाजार से खरीदारी कर न केवल परंपरागत शिल्प को सम्मान दिया, बल्कि माटीशिल्पियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ावा भी दिया।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत शाश्वत सिंह मीना, अतिरिक्त सीईओ विनोद मरावी, एसडीएम श्रीमती सोनल सिडाम, सीएमओ नगर पालिका गजानन नाफड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।दीपावली पर माटीशिल्पियों को कर से राहत कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि दीपावली पर्व के दौरान माटीशिल्पियों द्वारा निर्मित मिट्टी की मूर्तियों, दीपकों, खिलौनों, मटकों और अन्य सजावटी उत्पादों पर किसी प्रकार का कर या शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण हाट-बाजारों में कुम्हारों और शिल्पियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए निःशुल्क स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।‘स्थानीय उत्पाद खरीदें, आत्मनिर्भर भारत को सशक्त करें’कलेक्टर मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि दीपावली में स्थानीय कारीगरों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए मिट्टी और गोबर के दीये, मूर्तियां तथा पारंपरिक उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है बल्कि हमारे कारीगरों की आर्थिक स्थिरता का आधार भी है।
