
जबलपुर। ओमती थाना अंतर्गत जिला न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के वाराणसी का एक कुख्यात गैंगस्टर और छोटा राजन गैंग का कथित शूटर जेल से पेशी पर आए आरोपी से मिलने पहुंचा। आरोप है कि इस दौरान बदमाश ने समझौता करने दबाव बनाया बल्कि अधिवक्ताओं को भी धमकाया। सूत्रों के मुताबिक मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के साथ पुलिस छानबीन में जुट गई है।
नवभारत से चर्चा के दौरान एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे विगत दिवस 13 अप्रैल 2026 को जिला न्यायालय जबलपुर में कोर्ट नं. 50 में मप्र शासन विरूद्ध स्वप्निल ब्यौहार में पीडि़ता अपर्णा चक्रवर्ती की गवाही कराने कोर्ट गए थे। तब वहाँ पर जबलपुर जेल से आरोपी स्वप्निल ब्यौहार पिता परमलाल ब्यौहार अपने साले अमित खरे एवं पत्नि रितु व्यौहार के साथ कोर्ट रूम के सामने पति स्वाप्रिल ब्यौहार एवं एक अन्य अंतर्राज्यीय कुख्यात गैंगस्टर अरूण तिवारी के साथ बातचीत हो रही थी, जिसके संबंध में हम लोगों द्वारा कोर्ट रूम में न्यायाधीश से भी आपराधी के बारे में बताया था एवं उसके कोर्ट रूम में उपस्थित रहने पर आपत्ति दर्ज करायी थी।
पुलिस की भूमिका संदिग्ध, आरोपी की हथकड़ी खोली-
अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस कर्मियोंं ने सुरक्षा नियमों को ताक में रखा। अपराधी पुलिस के सामने ही आरोपी स्वप्निल ब्यौहार से काफी देर तक एकांत में बात करता रहा, एवं पुलिसकर्मियों ने उसे हथकड़ी से मुक्त कर बात करने स्वतंत्र कर दिया था, आरोपी स्वप्निल ब्यौहार द्वारा उद्देश्यात्मक ढंग से एक आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जिसमें कहा गया था, वह अपनी पैरवी स्वयं करेगा, जबकि उसकी पैरवी करने अधिवक्ता नियुक्त है।
जेल में बैठकर मरवा सकता हूं गोली
अधिवक्ता ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि विगत एक पेशी के दौरान स्वप्निल व्यौहार द्वारा कोर्ट परिसर में उनके जूनियर अधिवक्ता से कहा मैंं जेल में बैठे-बैठे तुम्हारे सीनियर को गोली मरवा सकता हूँ। अरुण तिवारी न्यायालय परिसर में स्वयं उपस्थित दिखा जो समझौता करने दवाब बना रहा था और ऐसा न करने पर बुरे परिणाम होने की धमकी दे रहा था। पीडि़त अधिवक्ता का कहना है कि कोर्ट परिसर मेें लगे कैमरों से इसकी पुष्टि की जा सकती है।
डीजीपी तक पहुंची शिकायत
अधिवक्ता ने बताया कि जब उन्होंने अरूण के सबंध तिवारी के संबंध में जानकारी जुटाई तो वे वाराणसी, उत्तरप्रदेश का कुख्यात अपराधी निकला और वे छोटा राजन गैंग से संबंधित शूटर है जो कि स्वप्निल ब्यौहार की पत्नि एवं साले अमित खरे के संरक्षण में विगत कई दिनों से जबलपुर में उसके घर में ही रह रहा है। अधिवक्ता ने कुख्यात गैंगस्टर अरुण तिवारी एवं स्वप्निल ब्यौहार, उसकी पत्गि एवं साले अमित खरे के खिलाफ गंभीर घटना कारित करने की योजना बनाने, अधिवक्ताओं को धमकाने, न्यायालयीन प्रकिया में बाधा उत्पन्न करने मामला दर्ज करने के साथ जिन पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपी को अन्य लोगें से मिलने, बातचीत करने, अन्य सुविधा प्रदान करने की अनुमति दी थी, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की मांग की है। मामले की शिकायत डीजीपी तक पहुंची है। अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक, जबलपुर जोन आईजी, ओमती, संजीवनी नगर थाने में भी शिकायत की है। इसके अलावा प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भी भेजी है।
दाऊद की जासूसी के साथ अंतरराज्यीय हिस्ट्रीशीटर है अरुण-
सूत्रों के मुताबिक अरूण तिवारी अंतरराज्यीय हिस्ट्रीशीटर है और छोटा राजन गिरोह से लेकर भदौरिया गिरोह और गुरू साटम गैंग में रह चुका है। तिवारी यूपी के फूलपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर यूपी के अलावा, बिहार, झारखंड, दिल्ली, मप्र के जबलपुर, बीना, इंदौर व खंडवा में भी प्रकरण दर्ज है। इसके अलावा अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की जासूसी के लिए तिवारी को छोटा राजन ने 1995-96 में पाकिस्तान भिजवाया था। पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी में रहकर उसने दाऊद के ठिकानों का पता लगाया था। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान से लेकर आसाम और नागालैंड तक गिरोह फैला था । अरुण छह से ज्यादा भाषाओं का जानकार है।
इनका कहना है
मामले की शिकायत हुई है अभी मैं पुलिस मुख्यालय भोपाल आया हूं, फिलहाल एफआईआर नहीं हुई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे आाएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
राजपाल सिंह बघेल, ओमती टीआई
