नयी दिल्ली 15 अक्टूबर (वार्ता) भारत और इंडोनेशिया की नौसेनाएं विशाखापत्तनम में चार दिन के संयुक्त द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘समुद्र शक्ति – 2025’ में एक दूसरे के साथ समुद्री रण कौशल के गुर और अनुभव साझा कर रही हैं। दोनों नौसेनाओं के बीच इस अभ्यास का पांचवां संस्करण मंगलवार को शुरू हुआ जो शुक्रवार तक चलेगा।
अभ्यास में भारत की ओर से पूर्वी नौसेना कमान के बेड़े का पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती और एक पोत (एक एकीकृत हेलीकॉप्टर के साथ) हिस्सा ले रहा है जबकि इंडोनेशियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व उसका युद्धपोत केआरआई जॉन लाइ कर रहा है।
अभ्यास के बंदरगाह चरण में सौहार्द और पेशेवर तालमेल बनाने के उद्देश्य से कई गतिविधियां शामिल हैं जिनमें क्रॉस डेक दौरे, संयुक्त योग सत्र, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और पेशेवर विषय वस्तु विशेषज्ञों का आदान-प्रदान (एसएमईई) प्रमुख हैं। समुद्री चरण में सामरिक समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से गतिशील और जटिल समुद्री अभियान शामिल होंगे जिनमें हेलीकॉप्टर संचालन, वायु रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग अभ्यास, दौरा, बोर्ड, खोज और जब्ती (वीबीएसएस) अभ्यास शामिल हैं।
अभ्यास ‘समुद्र शक्ति’ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय अभ्यास है जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना, आपसी समझ को मज़बूत करना और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना है। यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

