बेगमगंज। साहूकारों के कर्ज के जाल में फंसे एक और किसान ने मौत को गले लगा लिया। मूंडला चावल गांव के 45 वर्षीय किसान सुग्रीव यादव ने नगर के ईश्वर नगर मोहल्ले स्थित अपने दूसरे मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर बेगमगंज के कर्जखोर साहूकारों की क्रूर वसूली व्यवस्था को बेनकाब करती है। पिछले कुछ वर्षों में हफ़सीलि और तुलसीपार गांव के दो किसानों ने भी इन्हीं साहूकारों के दबाव में आत्महत्या की थी, तब प्रदेशभर में हंगामा हुआ था और विपक्ष के बड़े नेता मौके पर पहुंचे थे। अब तीसरे किसान की मौत ने फिर से सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किसानों को राहत कब मिलेगी?
जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के सुग्रीव यादव ने अपने घर के एक कमरे में फांसी लगाई। सुबह जब पत्नी और 22 वर्षीय बेटी उठीं, तो उन्हें फंदे पर लटकता देख पूरे परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
जांच में सामने आया कि सुग्रीव यादव पर साहूकारों का भारी कर्ज था और वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। एक पखवाड़े पहले उनके छोटे भाई का एक्सीडेंट हुआ था, जिसका आज भोपाल में ऑपरेशन होना था, लेकिन उससे पहले ही सुग्रीव ने अपनी जान दे दी।
पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन गांव में गुस्सा और आक्रोश साफ झलक रहा है। लोग कह रहे हैं, साहूकारों का कर्ज अब मौत बन गया है, और प्रशासन सिर्फ मामले दर्ज कर चुप बैठा है।
