उज्जैन: 30 करोड़ श्रद्धालु महाकाल की नगरी में महाकुंभ के मद्देनजर जब आएंगे तो एक साथ पांच करोड़ श्रद्धालु घाट पर स्नान कर सकेंगे, ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, सिंहस्थ में भीषण गर्मी होगी इस दौरान श्रद्धालू भी नंगे पैर होंगे यही कारण है की कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधा का अवलोकन नंगे पैर किया.
सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में तैयारियां तेज हो गई हैं. अनुमान है कि आगामी सिंहस्थ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे और शिप्रा के घाटों पर स्नान करेंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन बड़े स्तर पर घाट, सड़क और पुल निर्माण कार्य करवा रहा है. गुरुवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने 29 किलोमीटर तक बन रहे घाट का उसे स्तर पर अवलोकन किया कि घाट पर श्रद्धालु नंगे पैर चलेंगे तो उन्हें दिक्कत ना आए, इसी सोच के साथ जब कलेक्टर ने खुद भी नंगे पैर चलकर निर्माण कार्य को देखा तो बाकी अधिकारी कर्मचारी हैरान हो गए.
सबसे पहले सिद्धनाथ गए कलेक्टर
कलेक्टर ने सबसे पहले श्री सिद्धनाथ (सिद्धवट) से अंगारेश्वर महादेव होते हुए भैरवगढ़ चौराहा तक बन रहे 5.7 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण देखा. लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 64.90 करोड़ रुपए की लागत से यह सड़क बनाई जा रही है. मार्ग की सेंट्रल लाइन देखी और काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए. अधिकारियों ने बताया कि मार्ग के किनारे रिटेनिंग वॉल और ड्रेनेज निर्माण के लिए खुदाई कार्य शुरू कर दिया गया है.
पुल पुलिया भी देखी
इसके बाद कलेक्टर ने भैरवगढ़ सेतु और सिद्धवट से अंगारेश्वर महादेव मंदिर तक बन रहे पुल का निरीक्षण किया. करीब 14.56 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल के 23 पाइल का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि पाइल कैप का काम शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि जुलाई तक सेतु के सब-स्ट्रख्र का कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
अपर लैंडिंग लोअर लैंडिंग पुरी
सिद्धवट से मंगलनाथ मंदिर तक बन रहे नवीन घाट निर्माण कार्य का भी कलेक्टर ने जायजा लिया. अधिकारियों ने बताया कि अब तक घाट निर्माण में 11.7 किमी रिटेनिंग वॉल, 9.7 किमी टो वॉल, 4.352 किमी अपर लैंडिंग और 4.194 किमी लोअर लैंडिंग का निर्माण पूरा हो चुका है.
सीएम की परिकल्पना से बन रहे घाट
भूमि पूजन के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि कुंभ के दौरान एक साथ करीब 5 करोड़ संत, महंत और श्रद्धालु इन घाटों पर स्नान कर सकेंगे, इसलिए घाटों और बुनियादी सुविधाओं को उसी स्तर पर विकसित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिंहस्थ 2028 को भव्य, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है.
