
इंदौर।पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से करोड़ों के लोन में गड़बड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपए कीमत की तीन अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं. यह कार्रवाई धार निवासी राम पाटीदार, संचालक एम/एस नर्मदा शीत गृह, के खिलाफ की गई है. अटैच की गई संपत्तियां धार और खरगोन जिलों में स्थित कृषि भूमि हैं.
ईडी की अधिकृत जानकारी के अनुसार ईडी की इंदौर सब-जोनल ऑफिस द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी ने बैंक से लिए गए लोन का दुरुपयोग किया. जांच एजेंसी के अनुसार, राम पाटीदार ने पंजाब नेशनल बैंक से कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए 3.50 करोड़ रुपए का टर्म लोन लिया था, लेकिन इस राशि को निर्धारित कार्य में लगाने के बजाय अपने और सहयोगियों के विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिया. जांच में यह भी सामने आया कि इस हेराफेरी से बैंक को लगभग 3.36 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, जबकि आरोपी और उसके सहयोगियों को समान राशि का अवैध लाभ मिला. मामले में परमानंद पाटीदार, महेंद्र पाटीदार और मिथुन डावर सहित अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है. फिलहाल ईडी मामले की आगे जांच कर रही है और अन्य संपत्तियों की पड़ताल जारी है.
क्या है पूरा मामला…
इस प्रकरण की शुरुआत सीबीआई जबलपुर द्वारा दर्ज एफआईआर से हुई, जिसमें राम पाटीदार और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था. आरोप है कि आरोपी ने बैंक से लोन लेने के बाद तय उद्देश्य कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए राशि का उपयोग नहीं किया. इसके बजाय लोन की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निजी उपयोग में लिया. ईडी की जांच में यह लेनदेन मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में पाया गया, जिसके आधार पर अब संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की गई है. एजेंसी इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और संभावित संपत्तियों की भी जांच कर रही है.
