महू: दीपावली पर्व के लिए मिट्टी के दीपक और लक्ष्मीजी की प्रतिमाएं तैयार करने का कार्य जोरों पर चल रहा है. किशनगंज-सांतेर क्षेत्र में कई परिवार इस कार्य में दिन-रात जुटे हैं। यहां प्रतिदिन हजारों दीपक और लक्ष्मीजी की सैकड़ों मूर्तियां बनाई जा रही हैं.
दीपों का पर्व दीपावली जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है बाजार में सजावटी सामग्री की दुकानों पर चहल-पहल बढऩे लगी है. इसी क्रम में किशनगंज-सांतेर क्षेत्र में मिट्टी के दीपक, लक्ष्मीजी की प्रतिमाएं, सेठ-सेठानी और मकान जैसी अनेक सामग्री बनाई जा रही हैं. हर कारीगर एक दिन में लगभग एक हजार दीपक और 50 से अधिक लक्ष्मीजी की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं. इस वर्ष लक्ष्मीजी की मिट्टी की बड़ी प्रतिमाओं की मांग भी देखी जा रही है. यह सामग्री महू के साथ-साथ पीथमपुर, राऊ, इंदौर और मानपुर सहित आसपास के अन्य स्थानों पर भी भेजी जा रही है.
व्यापारी बोले… धूप खिलने से काम में आई तेजी
मिट्टी के दीपक और लक्ष्मी प्रतिमा बनाने वाले कारीगर महेश प्रजापति ने बताया कि धूप खिलने से काम में तेजी आई है. उन्होंने बताया कि उनकी कई पीढिय़ां यह कार्य करती आ रही हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम है. मूर्तियों पर रंग भरने का काम करने वाली 50 वर्षीय मुन्नी बाई प्रजापति ने बताया कि वह कई सालों से यह कार्य कर रही हैं. सीजन पर उनका पूरा परिवार सुबह से शाम तक इस कार्य में लगा रहता है. महेश प्रजापति के अनुसार, एक मिट्टी का दीपक बनाने में लगभग 10 सेकंड का समय लगता है. इस दीपावली पर उन्होंने करीब एक लाख दीपक तैयार करने का लक्ष्य रखा है.
