इंदौर: नगर निगम ने देवास की विधायक एवं महारानी गायत्री देवी पंवार के आधिपत्य का इंदौर के पलासिया क्षेत्र स्थित 35 हजार वर्गफीट के प्लॉट का लगभग 29 वर्ष से बकाया संपत्ति कर जमा करवाया है. संपत्ति कर की उक्त राशि का भुगतान करने के बाद मामला हाईकोर्ट चला गया. इस पर हाईकोर्ट ने नगर निगम को तीन माह में निर्णय करने के आदेश दिए हैं.नगर निगम ने शहर के पलासिया क्षेत्र में प्लाट नं. 21 और 22 पर संपत्ति कर के 64 लाख रुपए भरवाए हैं.
उक्त प्लॉट देवास विधायक गायत्री देवी पंवार का है. गायत्री देवी देवास राजघराने की महारानी हैं. वे इंदौर के पलासिया क्षेत्र स्थित 35 हजार वर्गफीट से ज्यादा बड़े प्लॉट की मालिक हैं. वर्तमान में पलासिया स्थित उक्त जमीन की कीमत 125 करोड़ रुपए के करीब बताई जाती है. गायत्री देवी पंवार तुकोजीराव पंवार धार्मिक और पारमार्थिक ट्रस्ट की संचालिका भी हैं.
दरअसल, पलासिया स्थित प्लॉट नं. 21 और 22 पर बहुमंजिला इमारत बनाने का नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा को आवेदन मिला है. उक्त प्लॉट पर नक्शा पास करने के लिए निगम का कोई कर बकाया नहीं होने पर ही आवेदन और नक्शा स्वीकृत करने का नियम है. इस पर नगर निगम ने पलासिया के प्लॉट नं. 21 और 22 पर वर्ष 1996 से 2023-24 तक का बकाया 60 लाख रुपए से ज्यादा संपत्ति कर बकाया होने का नोटिस दिया. इस पर उक्त संपत्ति कर जमा कर दिया गया. मगर ट्रस्ट की ओर से इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल कर दी गई.
याचिका में ट्रस्ट ने उक्त जमीन पर किसी भी तरह का आवासीय, व्यवसायिक और अन्य उपयोग नहीं किए जाने का तर्क देते हुए बताया है कि नगर निगम ने 35 हजार वर्गफीट प्लॉट का संपत्ति कर गलत तरीके से लगाया और अधिभारित किया है. इस पर निगम की ओर से उक्त मामले में हाईकोर्ट को जवाब देते हुए कहा गया है कि नगर निगम अधिनियम के तहत ही टैक्स गणना की गई है. दोनों पक्षों के तर्क सुनते हुए हाईकोर्ट ने नगर निगम को उक्त प्लॉट का तीन माह में फैसला करने के आदेश दिए हैं.
