सतना: महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट के तेरहवें दीक्षांत समारोह के अवसर पर एकेएस के मैनेजमेंट फैकल्टी डॉ.अनुराग सिंह परिहार को वाणिज्य विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी प्रदान की गई।यह उपाधि मध्यप्रदेश के माननीय राज्यपाल तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगू भाई पटेल द्वारा उनके करकमलों से प्रदान की गई।
डॉ. अनुराग सिंह परिहार ने अपना शोध कार्य “वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) का खुदरा व्यापार पर प्रभाव का अध्ययन (विशेष संदर्भ – सतना ज़िला, मध्यप्रदेश)” विषय पर पूर्ण किया। इस शोधकार्य का निर्देशन डॉ. सी. पी. गुजर द्वारा किया गया। इस शोध में वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) के लागू होने के उपरांत सतना ज़िले के खुदरा व्यापार पर पड़े आर्थिक, वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रभावों का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। डॉ. परिहार के अनुसार, जी.एस.टी. व्यवस्था ने कर प्रणाली में पारदर्शिता, समानता एवं उत्तरदायित्व को सुदृढ़ किया है, परंतु प्रारंभिक अवस्था में लघु व्यापारियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
