
छिंदवाड़ा/परासिया। डॉक्टर को ईश्वर का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जब वही डॉक्टर मासूमों की जान के लिए खतरा बन जाए, तो यह आस्था को झकझोर देने वाला होता है। परासिया के कफ सिरप कांड में एक डॉक्टर द्वारा भारत सरकार की एडवाइजरी की खुली अवहेलना करते हुए प्रतिबंधित दवाएं बच्चों को देने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने 18 दिसंबर 2023 को सभी राज्यों को निर्देश दिए थे कि चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) आधारित दवाएं न दी जाएं। इसके बावजूद परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी ने इन आदेशों को दरकिनार करते हुए मासूम बच्चों को कोल्डरिफ सिरप सहित कई एफडीसी दवाएं दीं।
बताया जा रहा है कि इन दवाओं के सेवन के बाद बच्चों में पेशाब रुकने, किडनी इंफेक्शन और अन्य गंभीर लक्षण दिखे। बावजूद इसके डॉक्टर ने दवा देना जारी रखा, जिससे कई बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अगर डॉक्टर ने सरकार की गाइडलाइन का पालन किया होता, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और प्रतिबंधित सिरपों पर रोक लगाई, लेकिन तब तक 25 से अधिक मासूमों की जान जा चुकी थी।
