शिवपुरी: जिले के कांकर गांव में ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक भाई ने अपने ही सगे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी और पुलिस को धोखा देने के लिए खुद को भी गोली मार ली ताकि लगे कि उस पर भी हमला हुआ है। जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो सारा सच सामने आ गया। थाना नरवर में गांव कांकर का रहने वाला वीरेंद्र कोली खून से सने कपड़ों में पहुंचा। उसके पैर में गोली लगी थी और वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था कि पांच लोगों ने उसके भाई राजकिशोर कोली की हत्या कर दी और उसे भी गोली मारी है। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और गांव में जांच शुरू कर दी। शुरू में सबको लगा कि यह पुरानी रंजिश का मामला है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी।
एसडीओपी आयुष जाखड़ के निर्देशन में जब पुलिस टीम ने मौके की जांच की तो कई बातें मेल नहीं खाईं। गोली बहुत करीब से चली थी, और घटनास्थल पर केवल तीन लोगों के पैरों के निशान मिले। जिन पांच लोगों के नाम रिपोर्ट में थे, वे घटना के समय गांव से काफी दूर पाए गए। इतना ही नहीं, वीरेंद्र के कपड़ों पर बारूद के निशान भी मिले। यह देखकर पुलिस को शक हुआ कि मामला कुछ उलझा हुआ है।
जब पुलिस ने वीरेंद्र से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसका भाई राजकिशोर शराब और जुए का आदी था। उसने घर की सारी जमीन बेच दी थी, जिसके कारण घर में रोज झगड़ा होता था। गुस्से में आकर वीरेंद्र ने अपने दो दोस्तों त्रिलोक रावत और राहुल रावत के साथ मिलकर अपने भाई को मारने की योजना बनाई।
तीनों ने राजकिशोर को शराब पीने बुलाया। खेतों के पास बैठकर शराब पीने के दौरान वीरेंद्र ने अपने भाई को गोली मार दी। जब वह गिर पड़ा तो वीरेंद्र ने अपने साथी त्रिलोक से कहा कि उसके पैर में भी गोली मार दे ताकि पुलिस को लगे कि उस पर भी हमला हुआ है। अगले दिन वीरेंद्र थाने पहुंचा और खुद को पीड़ित बनाकर पांच लोगों के नाम बता दिए ताकि शक किसी और पर जाए। पुलिस ने जब सबूत जुटाए तो सच सामने आ गया। वीरेंद्र कोली और त्रिलोक रावत को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में इस्तेमाल किया गया 315 बोर का कट्टा, दो मोटरसाइकिलें और एक मोबाइल जब्त किया गया। तीसरा साथी राहुल रावत अभी फरार है।
