
नई दिल्ली, 01 दिसंबर, 2025: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) में दरार साफ नजर आने लगी है। सोमवार को जब कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के साथ साझा रणनीति तैयार करने के लिए बैठक बुलाई, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बैठक में भाग नहीं लिया। यह घटनाक्रम विपक्षी एकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है और कांग्रेस की टेंशन बढ़ा रहा है।
बंगाल की राजनीति का राष्ट्रीय रणनीति पर असर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में हुई इंडिया ब्लॉक फ्लोर लीडर्स की इस बैठक में राहुल गांधी और रामगोपाल यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए, लेकिन टीएमसी की अनुपस्थिति चर्चा का केंद्र बन गई। सूत्रों के अनुसार, चूँकि कांग्रेस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के खिलाफ लड़ने की तैयारी कर रही है, इसलिए टीएमसी का मानना है कि दिल्ली में बार-बार मंच साझा करने का कोई औचित्य नहीं है।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना
कांग्रेस ने अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक में तय किया है कि वह शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा, दिल्ली ब्लास्ट, चुनावी रोल (SIR) और वायु प्रदूषण जैसे अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगी। हालांकि, टीएमसी की गैरहाजिरी विपक्षी एकता के लिए एक बड़ा झटका है और इससे स्पष्ट है कि क्षेत्रीय हितों के चलते विपक्ष एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने में असमर्थ हो सकता है।
