
गोविंदनगर। गोविंदनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर में कृषि आदान विक्रेताओं के लिए आयोजित छठवें एक वर्षीय डिप्लोमा प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में न्यास के प्रबंधक धर्मेन्द्र गुर्जर ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि आदान विक्रेताओं की भूमिका किसानों के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि किसान उन पर विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षणार्थी किसान हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें। इसे “एक बार पुनः छात्र जीवन जीने का अवसर” बताते हुए उन्होंने पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण लेने की प्रेरणा दी।
उपसंचालक कृषि नर्मदापुरम रविकांत ने कहा कि यह प्रशिक्षण किसानों की सेवा के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, इसलिए इसे गंभीरता से सीखना और व्यवहार में उतारना आवश्यक है। वहीं सहायक संचालक कृषि गोविंद मीणा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए पाठ्यक्रम की संरचना और उद्देश्य की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में न्यास के सह सचिव केशव महेश्वरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन केंद्र प्रभारी डॉ. संजीव कुमार गर्ग द्वारा किया गया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक जिम्मेदारियों को समझने पर बल दिया।
इस अवसर पर डॉ. देवीदास पटेल, डॉ. राजेंद्र पटेल एवं नोडल अधिकारी तोरण सिंह दांगी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि आदान विक्रेताओं को उन्नत कृषि तकनीक, उर्वरक व कीटनाशक प्रबंधन, बीज गुणवत्ता, किसान परामर्श तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान कर उन्हें अधिक सक्षम बनाना है, ताकि वे किसानों को सही मार्गदर्शन देकर कृषि क्षेत्र के सतत विकास में योगदान दे सकें।
