जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने एक अंतरिम आदेश के अंतर्गत प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में भर्ती से जुड़े एक मामले में कहा है कि अन्य पिछड़ा वर्ग का एक सर्जन का पद रिक्त रखें। युगलपीठ ने मप्र लोक सेवा आयोग के चेयरमैन, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, रजिस्ट्रार मप्र मेडिकल काउंसिल व अन्य से जवाब तलब किया है।
यह मामला जबलपुर निवासी डॉ. गगन सोनी की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया कि वर्ष 2024 में सरकार ने सरकारी अस्पतालों में सर्जन के पद पर भर्ती निकाली थी। इसमें 64 पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित थे। याचिकाकर्ता ने आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न किये, लेकिन 21 अगस्त 2025 को जारी चयन सूची से उनका नाम हटा दिया गया।
यह कहा गया कि याचिकाकर्ता ने अतिरिक्त पंजीयन योग्यता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। आवेदक की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता ने ई-मेल के जरिए उक्त प्रमाण पत्र प्रेषित किया था, जिसका वेरिफिकेशन भी हुआ है, इसके बावजूद उनका नाम रिजेक्ट कर दिया गया। जिसके बाद हाईकोर्ट की शरण ली गई है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त अंतरिम आदेश देते हुए अनावेदकों से जवाब तलब किया है।
