
नीमच। जैसे-जैसे दीपावली की रौनक बढ़ रही है, वैसे ही सरकार की निगाहें भी तेज हो गई हैं। त्योहार से ठीक पहले, बुधवार को नीमच के महू-नीमच रोड पर स्थित एक बड़े पटाखा गोदाम पर सेंट्रल जीएसटी विभाग ने कार्रवाई करते हुए वहां चल रहे कारोबारी लेन-देन की गहराई से जांच शुरू की।
उज्जैन और इंदौर से आई 8 से अधिक अधिकारियों की टीम ने दोपहर में अचानक दबिश दी, जिससे व्यापार जगत में खलबली मच गई। जिस गोदाम में छानबीन की गई वह हुजैफा अबुजर अली (रामपुरा) के नाम से पंजीकृत है और पूर्व में भी विवादों की छांव में रह चुका है।
यह छापा नहीं, लेकिन जांच सख्त है, असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक बिसेन
कार्रवाई की अगुवाई कर रहे सेंट्रल जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक बिसेन ने बयान में कहा कि यह छापा नहीं बल्कि एक नियमित निरीक्षण है। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि जांच में वित्तीय अनियमितता की संभावनाएं खंगाली जा रही हैं।
क्या है जांच का फोकस
टीम द्वारा गोदाम में मौजूद स्टॉक, बिलिंग रिकॉर्ड, कच्चा और तैयार माल, और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ढ्ढञ्जष्ट) के दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
प्राथमिक स्तर पर जांच इस ओर इशारा कर रही है कि स्टॉक और बिक्री बिलों में अंतर, और इनवॉइस अपलोडिंग में संभावित गड़बड़ी हो सकती है। साथ ही, इनपुट टैक्स क्रेडिट के गलत इस्तेमाल की भी आशंका परखी जा रही है।
पहले भी रहा है विवादों में
इस गोदाम का नाम हर साल दीपावली के आसपास विवादों में सामने आता रहा है। पिछले साल एसडीएम ने इसे सील किया था। इस बार जीएसटी विभाग की एंट्री ने यह संकेत दे दिया है कि इस तरह के कारोबार पर अब सख्त नजर रखी जाएगी।
त्योहार का मौसम, पर सिस्टम की नींद नहीं
दीपावली पर जहां आम जनता रौशनी और खुशियों की तैयारी में है, वहीं टैक्स विभाग ने यह जता दिया है कि बिलिंग में फर्जीवाड़ा, टैक्स चोरी या अनियमित व्यापार व्यवस्था अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई न केवल स्थानीय व्यापारियों को सतर्क कर रही है, बल्कि पूरे इलाके को यह संदेश भी दे रही है कि उत्सव के नाम पर धंधे में धांधली नहीं चलेगी।
