
भोपाल। नकली दवाओं और मिलावट के विरोध में भोपाल में बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया गया. सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (कम्युनिस्ट) की भोपाल इकाई ने बरखेड़ी चौराहे पर विरोध प्रदर्शन कर मांगे रखी. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला सचिव कामरेड मुदित भटनागर ने कहा कि बच्चों की यह मौतें सिर्फ किसी लापरवाही का नतीजा नहीं है बल्कि मासूमों की यह लाशें प्रदेश के भ्रष्टाचारी सरकारी तंत्र की सबूत हैं. उन्होंने कहा कि यह कोई घटना मात्र नहीं है बल्कि हत्याएं हैं. मुनाफाखोरी के इस दौर में तमाम सरकारी व प्राइवेट दवा कंपनियां अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के लिए आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसका नतीजा है कि वह अमानक व नकली दवाइयां बाजार में लाकर अपना तिजोरिया भर रही है. भटनागर ने कहा कि यह षड्यंत्र सरकारी तंत्र से छिपा हुआ नहीं है. जो दवाइयां अन्य राज्यों में बैन कर दी गई हो वह मध्य प्रदेश के बाजार में है. इसका मतलब ही है कि यह सब प्रशासन और सरकार की मिलीभगत का नतीजा है. मासूम की ये मौतें सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती हैं और पूंजीपतियों के सामने उसकी नतमस्तकता का जीता जागता सबूत है. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी की राज्य समिति सदस्य कॉमरेड रचना अग्रवाल ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में शामिल मंत्रियों और अधिकारियों के इस्तीफे और उदाहरण मूलक सजा देने, नकली दवा बनाने वाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने की हम मांग करते हैं. हम सरकार को भी कहते हैं कि वह संवेदनशील बनते हुए इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी ले.
