जबलपुर: रिश्वत के आरोप में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गयी सजा को हाईकोर्ट ने उचित ठहराते हुए पुलिस आरक्षक की अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट जस्टिस राजेन्द्र कुमार वाणी ने अपीलकर्ता का बेल बॉन्ड निरस्त करते हुए उसे जेल भेजने के आदेश जारी किये है।अपीलकर्ता विवेक साहू की तरफ से दायर की गयी याचिका में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ट्रायल कोर्ट द्वारा चार साल की सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी।
वह शाहपुरा थाने में पुलिस आरक्षक के पद पर पदस्थ था। अपील में कहा गया था कि अभियोजन के अनुसार शिकायतकर्ता देवी सिंह के खिलाफ न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किये था। प्रकरण में शिकायतकर्ता ने न्यायालय से जमानत करवा ली थी। इसके बावजूद भी अपीलकर्ता उसे गिरफ्तारी की धमकी देते हुए रिश्वत की मांग कर रहा था।
जिसकी शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त में की थी। लोकायुक्त ने अपीलकर्ता को दो हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। ट्रायल कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए चार साल की सजा से दंडित किया था। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट के फैसले को उचित करार देते हुए अपील को खारिज कर दिया। एकलपीठ ने अपीलकर्ता के बेल बॉन्ड निरस्त करते हुए उसे हिरासत में लेते हुए जेल भेजने के आदेश जारी किये है।
