
पुनीत दुबे इटारसी। नर्मदापुरम वन मंडल में मिलीभगत का एक और मामला उजागर हुआ है। छीपीखापा क्षेत्र में करोड़ों की सागौन कटाई का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब केसला विकासखंड के ताकू काष्ठागार डिपो से लाखों रुपये की कीमती लकड़ी गायब होने का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यह डिपो विभाग का सबसे सुरक्षित माना जाता है, जहां 20 चौकीदार, रेंजर और डिप्टी रेंजर तैनात रहते हैं,फिर भी 45 घन मीटर सागौन की लकड़ी गायब हो गई!
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में हुए स्टॉक मिलान में लकड़ी की भारी कमी सामने आई। इतना माल कम होना चार ट्रकों की लकड़ी के बराबर है,जो बगैर मिलीभगत के संभव नहीं। सूत्र बताते हैं दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की नोटशीट फाइलों में दबी पड़ी है।
छीपीखापा कांड पर भी लीपापोती:
इसी बीच,उधर, छीपीखापा में दो करोड़ की सागौन कटाई का मामला भी विभाग के लिए मुसीबत बना हुआ है। बताया जाता है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने भोपाल से कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन जिला स्तर पर यह काम अब तक नहीं हो सका है। इस मामले में पूर्व परिक्षेत्र अधिकारी और दर्जन भर कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
चारों ओर सुरक्षा, फिर भी चोरी:
ताकू डिपो पूरी तरह फेंसिंग से घिरा है, जहां चौबीसों घंटे सुरक्षा रहती है। इसके बावजूद कीमती लकड़ी का गायब हो जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच सोहागपुर एसडीओ के पास है, जिसे समय पर और निष्पक्ष होकर करने की दरकार है।
