सतना: जिले के नागौद तहसील के रहिकवारा में पीएमश्री नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने बदहाल व्यवस्था को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों ने प्राचार्य और प्रबंधन की मनमानी का अनोखे तरीक से विरोध जताया। कलेक्टर को बुलाने और समस्या सुनाने की मांग को लेकर एक कमरे में खुद को बंद कर भूखे प्यासे रहकर एक वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया है। वायरल वीडियों में छात्रों का कहना था कि डीएम साहब आए और समस्या सुनें तभी वे बाहर आयेंगे।
सतना जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय रहिकवारा में गुरुवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. प्राचार्य की कार्यशैली और विद्यालय में व्याप्त समस्याओं से नाराज छात्र-छात्राओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि विद्यालय में रोजाना बिजली कटौती के कारण गर्मी और पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है, वहीं मेस की व्यवस्था भी बेहद खराब है. इस बात से नाराज छात्रों ने खुद को अपने होस्टल में सामूहिक रूप से बंद कर लिया। और भोजन पानी छोड़ने की चेतावनी भी दी.
छात्रों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी समस्याएं लेकर प्राचार्य के पास जाते हैं, तो उन्हें समाधान देने के बजाय विद्यालय से बाहर निकाल देने की धमकी दी जाती है. इस वजह से कई छात्र खुलकर अपनी शिकायत भी दर्ज नहीं करा पाते. आरोप भी लगाए गए। इसी कड़ी में गणवेश और जूते-चप्पल समय पर उपलब्ध न कराए जाने की शिकायत भी छात्रों ने की है. कुछ छात्रों ने पहचान छिपाकर मीडिया को बताया कि गर्मी में कक्षाओं में पंखे तक नहीं चलते, पीने का पानी गंदा होता है, और खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है. उन्होंने आरोप लगाया कि मेस में समय पर खाना नहीं मिलता और मेन्यू के अनुसार भोजन भी नहीं परोसा जाता.
मौके पर पहुंचे एसडीएम एसडीओपी
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम जितेंद्र वर्मा और एसडीओपी रघु केशरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं। प्राचार्य और स्टाफ को स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। छात्रों ने एसडीएम से कहा कि वे लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस पर एसडीएम ने शिकायत की जांच का आश्वासन दिया। वहीं इस मामले से आक्रोशित छात्रों के अभिभावकों ने कहा कि पीएमश्री जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना था कि यहां पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और बेहतर शिक्षा की उम्मीद में प्रवेश लेते हैं, लेकिन अगर माहौल असुरक्षित और सुविधाहीन होगा, तो बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा।
कलेक्टर ने छात्रों को दिया आश्वाशन
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एसडीएम जितेंद्र वर्मा की छात्रों के साथ ढाई घंटे की मीटिंग चली। इस दौरान संवेदनशीलता को भांपते हुए एसडीएम ने फोन पर छात्रों की बात जिला कलेक्टर डॉ सतीश कुमार यस से कराई। कलेक्टर ने छात्रों की सारी समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद निराकरण का आश्वासन दिया। जिसके कुछ देर बाद ही एसडीएम ने छात्रों को बताया कि कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जांच टीम गठित की है, जो उन्हें सीधे रिपोर्ट करेगी।
