इंदौर: कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान को लेकर कलेक्टर कार्यालय में बैठक आयोजित की गई. बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इंदौर जिले में पुनः भिक्षावृत्ति शुरू नहीं हो, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए. विशेषकर बड़ा गणपति, रेलवे स्टेशन, सत्य साईं चौराहा, विभिन्न मठ-मंदिरों, आश्रमों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जहां भिक्षावृत्ति की जाती है, उसे सख्ती से रोका जाए.
इसके लिए विशेष रेस्क्यू टीमें बनायी जाए, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर निगम, होमगार्ड, श्रम विभाग, राजकीय बाल संरक्षण आश्रम के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हो. साथ में विशेष पुलिस किशोर इकाई के अधिकारी और कर्मचारियों को भी इस टीम में शामिल किया जाए. ऐसी दो-तीन टीमें शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगातार कार्रवाई करें, ताकि कहीं भी भिक्षावृत्ति नहीं हो.
भिक्षा मांगना भी अपराध है और भिक्षा देना भी इसी श्रेणी में आता है। जो लोग भिक्षावृत्ति की सूचना देते है, ऐसे लोगों को नगद इनाम देकर पुरस्कृत किया जाए. बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी, महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा, श्रम विभाग की अधिकारी श्रीमती मेघना भट्ट सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
आजीविका से जोड़ने की योजना बनाएं
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि भिक्षावृत्ति करने वालों को रोकना ही नहीं, उन्हें आजीविका से जोड़ने के लिए भी योजनाएं बनायी जाए. उन्होंने आगे कहा कि भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रेस्क्यू करने वाली टीमें इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिन लोगों ने पूर्व में भिक्षावृत्ति छोड़ दी क्या वे पुन: इसी क्षेत्र में वापस आ रहे हैं. जो लोग विशेषकर किशोर एवं युवा नशा करते हैं या वे अपराधी प्रवृति के है, ऐसे लोग भी भिक्षावृत्ति के क्षेत्र में बड़ी संख्या में संलिप्त है. ऐसे असामाजिक और अपराधिक लोगों को सुधार गृह में भेजा जाये और उनकी बेहतर काउंसलिंग की जाए।
