जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस डीडी बंसल की युगलपीठ ने मझौली स्थित सुप्रसिद्ध विष्णु बराह मंदिर के अतिक्रमणों व रखरखाव की रिपोर्ट तलब की है। इसके लिये युगलपीठ ने शासन को चार सप्ताह की मोहलत दी है।यह जनहित का मामला मझौली निवासी श्रवण कुमार सोनी की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से कहा गया कि विष्णु बराह मंदिर धार्मिक व ऐतिहासिक दृष्टि से अतीव महत्वपूर्ण है।
यह भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित एकमात्र मंदिर माना जाता है, जिसकी स्थापना 11 वीं शताब्दी में हुई थी। याचिकाकर्ता ने संबंधित पदाधिकारियों द्वारा मंदिर के संरक्षण एवं रखरखाव में उदासीनता एवं निष्क्रियता के विरुद्ध हाईकोर्ट की शरण ली है। याचिका में कहा गया है कि यह प्राचीन स्मारक अपने अपेक्षित रखरखाव और आसपास के अतिक्रमणों के कारण अपनी गरिमा और धरोहर मूल्य खोता जा रहा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रतिवादीगण को निर्देश दिया कि वे आगामी सुनवाई तिथि से पूर्व इस विषय पर एक विस्तृत स्थिति प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
