
जबलपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बचे हुए किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ा दी है है। अब किसान 6 नवंबर तक समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन करा सकते हैं। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी सोच और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल पर लिया गया है। खाद्य मंत्री ने बताया कि जबलपुर जिले में अब शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा। यह कदम उन किसानों के हित में उठाया गया है जो तकनीकी कारणों या समयाभाव के चलते पंजीयन नहीं करा सके थे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर किसान को उसका हक मिले और कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित न रहे। किसान अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी पंजीयन केन्द्र पर जाकर 6 नवंबर तक पंजीयन करा सकते हैं।
अभी तक 54 हजार से ज्यादा हुए पंजीयन
जानकारी के अनुसार 15 सितंबर से 10 अक्तूबर तक हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 54337 किसानों ने पंजीयन कराया था। जिसके बाद अब जो किसान पंजीयन नहीं करा पाए है वह 6 नवंबर तक पंजीयन करा सकते हैं। जिसके चलते पंचायत एवं तहसील स्तर पर सुविधा केन्द्र स्थापित है, जहां किसानों के लिए निःशुल्क पंजीयन किए जाएंगे।
मझौली, सिहोरा में सबसे अधिक पंजीयन
समर्थन मूल्य में खरीदी के लिए अभी तक सबसे ज़्यादा मझौली और सिहोरा तहसील में किसानों ने सबसे अधिक पंजीयन कराए है। जिसमें मझौली में 14020, सिहोरा में 13170, पनागर में 9150, पाटन में 8532 , शहपुरा में 4052, जबलपुर में 3247, कुंडम में 1437, गोरखपुर में 392, अधारताल में 245 और रांझी में 145 किसानों ने समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए पंजीयन कराया है। इसके साथ ही 2054 किसानों ने सिकमी पंजीयन कराए हैं।
