
टीकमगढ़ । लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर टीकमगढ़ में दबिश देकर जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र सहायक को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह 20 हजार रुपए की राशि रिश्वत के आरोपित व्यक्ति उमेश जैन द्वारा शिकायतकर्ता से सेवा निवृत्त के देयक निकलवाने रूप में ली जा रही थी।
जानकारी के मुताबिक नेत्र सहायक उमेश जैन ने शिकायतकर्ता रमेश चन्द्र नायक से 30 हजार रुपए रिटायरमेंट के देयक निकलवाने के नाम पर मांगे थे। यह सौदा 30 हजार की जगह 28 हजार में तय हुआ और फिर दिन सोमवार 6 अक्टूबर को राशि 20 हजार रुपए देने की बात हुई। इस पूरे मामले की शिकायत रमेश चन्द्र ने लोकायुक्त सागर से की, जिसके बाद आज लोकायुक्त पुलिस ने उमेश जैन नेत्र सहायक जिला चिकित्सालय को 20 हजार रुपए रंगे हाथों लेते गिरफ्तार कर लिया है।
शिकायतकर्ता रमेश चन्द्र नायक ने कहा है कि वह पहाड़ी बुजुर्ग लिधौरा का रहने वाला है। उसने कहा कि वह भी स्वास्थ्य विभाग का सरकारी कर्मचारी रहा। रिटायर होने के बाद जो देयक दिया जाता है वह उसे नहीं दिया गया, बल्कि जिला स्वास्थ्य विभाग में बैठने वाले अंबेडकर बाबू ने देयक निकलवाने के एवज में कहा कि वह जाकर नेत्र सहायक उमेश जैन से मिले इसके बाद ही कुछ हो पाएगा।
यह सुन रमेश चन्द्र उमेश जैन से मिले और उमेश जैन ने उनसे देयक निकालने के लिए 30 हजार रुपए की मांग कर डाली। उसने कहा वह ऐसा सुन सन्न रह गया क्योंकि रमेश चन्द्र भी कभी इसी विभाग का कर्मचारी हुआ करता था। उसे अपने आप में आत्मगिलानी महसूस हुई। हालांकि फिर उसने उमेश जैन से कुछ पैसे कम करने के लिए कहा तो सौदा 30 हजार की जगह 28 हजार में तय हुआ। इसके बाद इसकी शिकायत लेकर रमेश चन्द्र सीधे सागर लोगायुक्त के पास पहुंचा और उसने अपनी आपबीती सुनाई। उसकी शिकायत सुनने के बाद लोकायुक्त टीम ने उमेश जैन नेत्र सहायक को ट्रेप करने का जाल बिछाया और अंतत: नेत्र सहायक उमेश जैन लोकायुक्त पुलिस के जाल में फंस गए।
रमेश चन्द्र ने कहा कि लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ऐसे रिश्वतखोर को सार्वजनिक किया जाएगा वही हुआ। उसने कहा कि यह सब अंबेडकर बाबू के इशारे पर चल रहा है। बाबू भले ही अंबेडकर है, परन्तु उसका पूरा कामकाज उमेश जैन ही संभालते हैं। किसी भी मामले में पैसे लेन-देन का काम इन्हें दिया गया था। ऐसा ही मेरे साथ कि मुझे रिश्वत देने के लिए उमेश जैन के पास भेजा गया, जबकि यह कार्य तो अंबेडकर बाबू को ही करना था। हालांकि लोकायुक्त पुलिस ने उमेश जैन को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार करने के बाद इस मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
