
सागर। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज हम गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि में हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 500 सालों के बाद भी आज हम गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती के संघर्षों, उसकी वीरता और उसके बलिदानों को भूल नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि कहा जाता है कि रानी दुर्गावती दोनों हाथों में तलवार लेकर लड़ा करती थीं। हमें गोंडवाना की इस वीरांगना की वीर गाथाओं को सदैव स्मरण करना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजाति समाज में वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथ शाह जैसे वीरों ने जन्म लिया जिन्होंने अपनी मातृ भूमि की रक्षा के लिए वीरता के साथ आक्रांताओं का सामना किया और देश की सुरक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि हमें जनजातीय समाज के इन वीर सपूतों के बलिदानों को सदैव स्मरण करना चाहिए और देश के प्रति उनके समर्पण से प्रेरणा लेना चाहिए।
प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल आज सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम पंचायत कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जनसंवाद कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक रहली गोपाल भार्गव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सागर जिले में प्रारंभ की गई फूड फॉरेस्ट योजना एक अभिनव योजना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सागर जिले में फूड फॉरेस्ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधों का रोपड़ जिससे आगामी वर्षों में महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा और उनके जीवन में बदलाव आयेगा। राज्यपाल ने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण के लिए की गई अच्छी पहल है। जनसंवाद में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सीधा लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब स्वच्छ वातावरण में भोजन तैयार कर रही हैं। राज्यपाल ने केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के लिए प्रारंभ की गई जनमन योजना और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना की चर्चा करते हुए कहा केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए जनमन योजना में लगभग 24 हजार करोड़ रुपए और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना में लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं का प्रभावी और परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। जिससे जनजातीय वर्ग के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि आएगी। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय वर्ग के लोगों को प्रशिक्षण देकर मध्यप्रदेश में कर्मयोगी बनाने की पहल की गई है। इस योजना से मध्यप्रदेश में लगभग 3 लाख कर्मयोगियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि गोंडी पेंटिग्स की आज देश ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्धि है। जनजातीय वर्ग के लोक कलाकारों द्वारा तैयार की गई गोंडी पेंटिग्स कला को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि आज क्षय रोग के प्रति लोगों को जागरुक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों का समुचित उपचार होना चाहिए तथा क्षय रोगियों को समय समय पर दवाईयां लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। क्षय रोगी समय पर दवाईयां दे रहा है अथवा नहीं इसकी भी सतत मॉनीटरिंग होनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया की बीमारी एक अनुवांशिक बीमारी है सिकल सेल की बीमारी लहू की बीमारी है इसके के प्रति लोगों में जागरुकता आवश्यक है।
