इंदौर: कल इंदौर के प्रभारी मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने बीआरटीएस पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के निर्देश दे दिए. इसके बाद से कांग्रेस ने भाजपा नेताओं को आड़े हाथों लिया और भाजपा ने एलिवेटेड कॉरिडोर की प्लानिंग को गलत बताते हुए दुर्जनता करार दिया है.एबी रोड पर अब एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इसके लिए केंद्र से राशि की मंजूरी हो चुकी थी। साथ ही टेंडर भी हो गए थे. करीब 350 करोड़ रुपए की लागत से पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया जा रहा था, लेकिन कांग्रेस सरकार बदलने के साथ उक्त एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था. उसकी जगह बीआरटीएस पर चार स्थानों पर ओवर ब्रिज बनाने की फिजिबिलिटी सर्वे हो चुका था और डीपीआर तैयार कर मंजूर कराने की योजना बनाई जा रही थी.
साढ़े छह साल बाद अक्ल आईः वर्मा
पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के निर्णय पर बीजेपी के नेताओं को कहा कि साढ़े छह साल बाद इनको अक्ल आई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में मैंने 6.5 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर मंजूर किया था. केंद्र सरकार से राशि मंजूर करवाई थी. टेंडर होकर वर्क ऑर्डर जारी हो चुका था. भाजपा की जमात ने निरस्त कर दिया. भाजपा के नेता भ्रष्टाचार करके इंदौर को खा गए और पूरे प्रदेश को दीमक की तरह खोखला कर रहे है. भाजपा जो काम करती है वह भ्रष्टाचार की दृष्टि से ही करती है.
पीडब्ल्यूडी ने प्लानिंग गलत बनाई थीः महापौर
सज्जन वर्मा के आरोप पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि सज्जन वर्मा हमेशा दुर्जनता का भाव रखते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विजनरी मंत्री नितिन गडकरी ने उक्त एलिवेटेड कॉरिडोर की राशि मंजूर की थी. कांग्रेस सरकार में एलिवेटेड कॉरिडोर की पीडब्ल्यूडी ने प्लानिंग गलत बनाई थी. प्लानिंग ठीक से बनाई होती तो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने में देरी नहीं होती.
