
नीमच। नीमच-रतलाम रेल लाइन पर दोहरीकरण का काम तेज गति से चल रहा है। 133 किमी इस दोहरीकरण का अब तक 72 फीसदी से अधिक काम हो चुका है। रेलवे ने इसी साल के अंत तक दिसंबर में पूरा करने का लक्ष्य रखा है लेकिन नवंबर तक ही काम पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इससे यह क्षेत्र भी बड़े शहरों से सीधा जुड़ेगा और यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा।
इस प्रोजेक्ट पर सरकार 1100 करोड़ की राशि रतलाम मंडल में खर्च कर रही है। इसमें जहां काम पूरा हुआ है वहां सीआरएस के निरीक्षण के साथ गति परीक्षण हो चुका है। दोहरीकरण का यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में चल रहा है। इसमें दलौदा-ढोढर के बीच करीब 20 किमी लंबे नई दोहरी लाइन पर गति परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया है। नीमच से दलौदा और दलौदा से रतलाम दो चरणों में इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
72 प्रतिशत काम पूरा
नीमच-रतलाम के 133 किमी के रेल ट्रैक में से 72 प्रतिशत से अधिक यानी 95 किमी से अधिक ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। लाइन दोहरीकरण का काम अंतिम चरण में है। इसमें दलौदा से ढोढर के बीच सेक्शन का काम पूरा हो चुका है सीआरएस निरीक्षण हो चुका है। यह परियोजना में रतलाम मंडल के अंतर्गत है 1100 करोड़ खर्च होंगे। रेलवे ने दिसंबर-2025 में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। रेल अधिकारियों का दावा है कि जिस गति से कार्य चल रहा है उसके पहले यानी नवंबर माह में ही पूरा हो जाएगा। इसके बाद सीआरएस के निरीक्षण होंगे।
यात्रियों को लाभ
अब तक की गति के ग्राफ को देखा जाए तो नीमच रतलाम के 133 किमी के रेल ट्रैक में से जो काम पूरा हुआ है उसमें दलौदा से मल्हारगढ़ और रतलाम से धौंसवास तक का दोहरीकरण कार्य बाकी है जो चल रहा है। दोहरीकरण का यह ट्रैक पूरा होने के साथ जयपुर से चंदेरिया तक दोहरीकरण से यह जुड़ जाएगा। जो पहले ही तैयार हो चुका है। ऐसे में इस कार्य के पूरे होने के बाद यात्रियों को तेज गति की कई ट्रेन की सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगी। दोनों ट्रैक दोहरीकरण के जुडने से यह क्षेत्र कई बड़े शहरों को आपस में जोड़ेगा। इससे यात्रियों को लाभ होगा।
दिसंबर-2025 में पूरा करने का लक्ष्य
सितंबर-2021 में केंद्र सरकार के इस परियोजना को मंजूरी दी। इसके बाद टैंडर सहित अन्य प्रक्रिया के बाद काम दो चरणों में शुरू किया गया। 133 किमी रतलाम-नीमच दोहरीकरण का काम 72 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। दिसंबर-2025 में पूरा करने का लक्ष्य है। हमारा प्रयास है कि इसी साल नवंबर में बचा हुआ कार्य पूरा कर लिया जाए। परियोजना से यात्रियों व गुड्स ट्रेन संचालन में लाभ होगा। – खेमराज मीणा, जनसंपर्क अधिकारी रतलाम रेल मंडल
फैक्ट फाइल –
परियोजना- नीमच रतलाम दोहरीकरण
मंडल- पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल
कार्य की स्थिति- अंतिम चरण में।
अनु. लागत करीब 1100 करोड़
कार्यपूर्ण- दलौदा से ढोढर के बीच नवीन दोहरीकृत रेल लाइन का कार्य पूरा हो गया है।
सीआरएस निरीक्षण- 30 जुलाई को रेल संरक्षा आयुक्त ने दलौदा-ढोढर सेक्शन का निरीक्षण किया। इसमें गति परीक्षण भी शामिल था।
