
सतना।नवीन मैहर जिले के गठन में अमरपाटन की जनता एवं जनप्रतिनिधियों से कोई राय-मशविरा नहीं किया गया था न ही आम सहमति बनाई गई। जिला बन जानें के बाद हम सब को आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास था कि म.प्र. सरकार और विशेषकर जिला प्रशासन न्याय करेगा। लेकिन बडे दुख के साथ कहना पड रहा है कि अमरपाटन के साथ घोर अन्याय किया जा रहा हैं। यह बात अमरपाटन विधायक डॉ राजेंद्र सिंह ने जारी बयान में कही.
श्री सिंह ने कहा कि कार्यालय कलेक्टर अमरपाटन की तरफ बनाने के बजाय कटनी रोड पोंडी ग्राम में बनाया जा रहा है. इससे अमरपाटन क्षेत्र ही नहीं बल्कि मैहर विधान सभा के आधे क्षेत्र के लोग नाखुश हैं। कम से कम आधे जिला कार्यालय विभिन्य विभागों के अमरपाटन में बनाया जाना चाहिए, इस पर भी कोई हमें नहीं दी गई हैं। नये खुलने वाले क्रेन्द सरकार के कृषि विज्ञान केंन्द्र (KVK) एवं जवाहर नवोदय विद्यालय अमरपाटन क्षेत्र के किसी मध्य स्थान पर बनाया जाना चहिए तथा अन्य संस्थायें भी अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र में बनें। क्योंकि मैहर जिले में सिर्फ दो (02) ही विधानसभा हैं मैहर एवं अमरपाटन क्षेत्र दोनों का बराबर हक हैं। व्हाईट टाइगर सफारी के कारण रीवा जिले के नेता क्षेत्र के छः (06) ग्राम पंचायत अमरपाटन से अलग कर रीवा जिलें में ले जाने की साजिश रच रहें हैं।उन्होंने कहा कि इन समस्त परिस्थितियों को ध्यान में रखतें हुए अमरपाटन क्षेत्र से विधायक होने और यहाँ की जनता के एक प्रमुख सेवक होने के नाते कम से कम मैं अमरपाटन के हितों के खिलाफ समझौता नहीं कर सकता, चाहें किसी से भी लडाई लडनी पड़ें।अतः होने वाले मैहर जिले के स्थापना गौरव दिवस’ का मैं क्षेत्र की प्रबुध्द्ध जनता के साथ ही बहिष्कार करता हूँ। मैं सभी स्तर के जनप्रतिनिधियों से कॉग्रेस पार्टी के अलावा भा.ज.पा. तथा अन्य दलो से आवाहन करता हूँ कि वे भी अमरपाटन क्षेत्र का हित सर्वोपरि मानकर दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर, हम अन्याय का मिलकर विरोध करें। हम सब का लक्ष्य विकसित अमरपाटन क्षेत्र होना चाहिए।
