
विभिन्न विभागों के अधिकारी हुए शामिल
भोपाल, 8 जनवरी. मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा गठित टास्क फोर्स के लिए बोरवेल रेस्क्यू तकनीक एवं मैनेजमेंट विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के कार्यपालन संचालक ओपी श्रीवास्तव (आईएएस) के मार्गदर्शन में किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर कार्यक्रम के निदेशक डॉ. सुधीर द्विवेदी ने वर्तमान में बोरवेल में बच्चों के गिरने की बढ़ती हुई घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में व्यावहारिक रूप से आने वाली अड़चनों एवं उचित प्रबंधन हेतु आवश्यक पहलुओं पर प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के राजस्व, फायर, पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य इत्यादि विभागों के लगभग 31 अधिकारियों ने भाग लिया. तीन दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने संबंधित विषयों पर व्याख्यान दिये. इसमें राधौगढ़, गुना जिले के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) विकास कुमार आनंद ने गुना में हुई बोरवेल की घटना से संबंधित विस्तृत केस स्टडी का प्रस्तुतीकरण किया. प्रशिक्षण समन्वयक एवं संस्थान की सहायक संचालक प्रियंका सक्सेना ने बोरलवे दुर्घटना प्रबंधन से संबंधित मानक पद्धतियों (एसओपी) पर प्रकाश डाला. मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उप संचालक डॉ. दिलीप सिंह ने बोरवेल के परिपेक्ष्य में टेक्नोलीगल एवं जियोलॉजिकल एस्पेक्ट्स पर प्रतिभागियों का ज्ञानवद्र्धन किया. कार्यक्रम में अन्य विशेषज्ञों ने बोरवेल रेस्क्यू टेक्नीक पर प्रतिभागियों का ज्ञानवद्र्धन किया तथा केस स्टडी पर चर्चा की. टास्क फोर्स प्रतिभागियों को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के विशेषज्ञों ने रेस्क्यू आपरेशन पर सुझाव दिये एवं सेंटर पर जाकर विभिन्न उपकरणों से परिचय कराया. प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश में इस प्रकार की बढ़ती हुई घटनाओं के लिए बनाई गई टास्क फोर्स की समन्वय एवं बचाव कार्य मे क्षमता वृद्धि करना था. बुधवार को कार्यक्रम का समापन हुआ.
