
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ताओं को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ देने के संबंध में उनके अभ्यावेदन पर निर्णय लें। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने इसके लिए 90 दिन की मोहलत दी है।
जबलपुर निवासी लालजी प्रसाद दुबे एवं कुसुमलता दुबे की ओर से अधिवक्ता सुदीप सिंह सैनी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता 35 वर्ष की सेवा के उपरांत सहायक शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। नियमानुसार वे चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के हकदार हैं। इस संबंध में याचिकाकर्ताओं ने 29 अगस्त 2025 को डीईओ को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था। कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
