प्रियंका सिंह,
छतरपुर। छतरपुर समेत पूरे प्रदेश में यात्री बसों के मालवाहक में बदल जाने से यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यात्रियों के लिए बनी बसें अब माल ढोने के अवैध कारोबार में इस्तेमाल की जा रही हैं। ये बसें इंदौर-भोपाल से दिल्ली, ग्वालियर, झांसी होते हुए छतरपुर और पन्ना तक का सफर तय करती हैं। सिस्टम की मिलीभगत और सुविधा शुल्क की वजह से यह अवैध कारोबार लगातार जारी है।
एक वीडियो और तस्वीर इंदौर से सामने आई है, जिसमें अम्बे ट्रेवल्स के नाम पर टिकट बेचकर नफीस ट्रेवल्स की बस (MP 19 P 0970) में यात्रियों को यात्रा कराई जा रही है। इस बस में यात्रियों के साथ-साथ भारी मात्रा में माल भरा गया। यात्रियों से स्लीपर का किराया 1300 रुपये तक वसूला जा रहा है, लेकिन सेवा के नाम पर उन्हें मालवाहक वाहन जैसी स्थिति में सफर करना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी नौगांव मार्ग और महोबा मार्ग सहित कई रूटों पर रोजाना इंदौर और दिल्ली से आने वाली बसें न केवल अवैध परिवहन कर रही हैं, बल्कि GST और अन्य टैक्स चोरी में भी लिप्त हैं। सरकार को राजस्व हानि हो रही है, वहीं परिवहन विभाग और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की अवैध आय का जरिया ये बसें बन चुकी हैं।
बीते दिनों SDM ने इन बसों पर कार्यवाही की थी, लेकिन मोटा सुविधा शुल्क लेकर मामूली कार्रवाई करके मामला रफा-दफा कर दिया गया। सोशल मीडिया पर इस पर खूब चर्चा हुई, लेकिन हकीकत यही है कि सिर्फ दिखावे के लिए 1-2 बसों पर कार्यवाही कर दरअसल सुविधा शुल्क की दरें बढ़ा दी गईं।
आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं। अवैध और जानलेवा बसों का संचालन गुंडों, माफियाओं और बाहुबलियों के हाथों में है। सत्ता और सिस्टम की जुगलबंदी के चलते यह कारोबार बिना रोक-टोक फल-फूल रहा है।
