कालीबोर-नुमालीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग चार लेन का बनेगा, कांजीरंगा में जानवरों को मिलेगी सुरक्षित जगह

नयी दिल्ली, 01 अक्टूबर (वार्ता) सरकार ने असम में कालीबोर-नुमालीगढ़ खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 715 को चार लेन का बनाने का फैसला लिया है और इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार वाहनों की आवाजाही से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान परिक्षेत्र में जंगली जानवरों का विचरण प्रभावित नहीं हो।
सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुयी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान खंड पर वन्यजीव अनुकूल उपायों के कार्यान्वयन को महत्व दिया है और इससे संबंधित कार्यों को परियोजना में शामिल किया गया है। चार लेन के इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 85.675 किमी होगी और इस पूरी परियोजना पर 6957 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस खंड पर वन्यजीव अनुकूल उपायों के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए कालीबोर-नुमालीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के मौजूदा हिस्से को चौड़ा बनाकर चार लेन किया जाना है। यह परियोजना इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) मोड पर विकसित की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग 715 (पुराना एनएच-37) का मौजूदा कालीबोर-नुमालीगढ़ खंड मार्ग पक्की सड़क का है और बिना 2-लेन का है। यह मार्ग जाखलाबंधा (नागांव) और बोकाखाट (गोलाघाट) कस्बों के घनी आबादी वाले इलाकों से होकर जाता है तथा इसका बड़ा हिस्सा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरता है। मानसून के दौरान, उद्यान के अंदर का इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे वन्यजीव उद्यान से मौजूदा राजमार्ग को पार करके ऊँची कार्बी-आंगलोंग पहाड़ियों की ओर चले जाते हैं। राजमार्ग पर चौबीसों घंटे भारी यातायात के कारण अक्सर दुर्घटनाएँ होती हैं और जंगली जानवरों की मौत होती है लेकिन इस परियोजना पर काम पूरा होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग जंगली जानवरों के लिए भी सुरक्षित हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, इस परियोजना में लगभग करीब 35 किलोमीटर लंबे एक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शामिल होगा, जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से कार्बी-आंगलोंग पहाड़ियों तक वन्यजीवों की संपूर्ण आवाजाही को कवर करेगा ताकि वन्यजीवों का निर्बाध और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, 30.22 किलोमीटर लंबी मौजूदा सड़क का उन्नयन और जाखलाबंधा तथा बोकाखाट के आसपास 21 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा। इससे मौजूदा कॉरिडोर पर भीड़भाड़ कम होगी और सुरक्षा में सुधार के साथ ही गुवाहाटी से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (पर्यटन स्थल) और नुमालीगढ़ के बीच सीधा संपर्क बढ़ेगा।

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