इंदौर: मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने पाथ इंडिया ग्रुप के महू स्थित मुख्यालय और निदेशकों के आवासों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई टोल सड़कों और अन्य निर्माण परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में की जा रही है.सूत्रों के अनुसार ईडी के हाथ इन परियोजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर धन शोधन और हवाला लेन-देन के सबूत लगे हैं.
ईडी की टीम करीब पांच-छह वाहनों के साथ ग्रुप के महू स्थित 76 माल रोड मुख्यालय और निदेशकों के घरों पर पहुंची. पाथ इंडिया के प्रबंध निदेशक नितिन अग्रवाल हैं, जबकि निपुण, सक्षम, नीति और संतोष अग्रवाल निदेशक पद पर हैं. इसके अतिरिक्त आशीष अग्रवाल और आदित्य उपाध्याय स्वतंत्र निदेशक के रूप में जुड़े हैं. सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी अनिल अंबानी से जुड़े बैंक लोन घोटाले की जांच के हिस्से के रूप में की गई है.
ईडी को सूचना मिली थी कि अनिल अंबानी की एक कंपनी और पाथ ग्रुप के बीच कई निर्माण परियोजनाओं के समझौते हुए थे, जिनमें करोड़ों रुपए की गड़बड़ी की आशंका है. जांच में पता चला कि इस परियोजना से जुड़े दो अलग-अलग अनुबंध बनाए गए एक आधिकारिक और एक गुप्त. गुप्त अनुबंध के तहत अतिरिक्त राशि को विभिन्न कंपनियों के माध्यम से ट्रांसफर कर दुबई के जरिए भारत वापस लाया गया. ईडी की टीम ने इस दौरान पाथ ग्रुप के कार्यालय और आवासों से दस्तावेज, कंप्यूटर और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं. फिलहाल मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच में बड़े पैमाने पर हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की संभावना जताई जा रही है
