खिलचीपुर। प्रदेश के मनरेगा उपयंत्री अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार 41 दिनों से हड़ताल पर है.
18 अगस्त से इनकी हड़ताल जारी है. उपयंत्रियों का कहना है कि वे अब तक शांतिपूर्ण तरीके से शासन-प्रशासन से गुहार लगाते रहे है किंतु उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है. उपयंत्रियों के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया.
ये है मुख्य मांगे
वेतन विसंगति दूर करना, अनुकम्पा नियुक्ति, निलंबन प्रक्रिया में सुधार, ग्रेच्युटी का प्रावधान, समय पर वेतन मिलना तथा सहायक यंत्री का प्रभार देना शामिल है. इनका कहना है कि प्रदेश सरकार ने जुलाई 2023 में संविदा कर्मचारियों के लिए नीति लागू करने की घोषणा की थी, जिसे अधिकांश विभागों ने लागू भी कर दिया है लेकिन ग्रामीण विकास विभाग अब तक इस नीति को लागू नहीं कर पाया है.
मनरेगा अभियंता संघ के प्रांत अध्यक्ष सतीश समेले ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने विभाग को इंजीनियरों की समस्याओं के समाधान हेतु स्पष्ट निर्देश दिए थे लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उन निर्देशों को भी नजरअंदाज कर दिया. उपयंत्रियों में गहरी नाराजगी है.
शनिवार को प्रदेश के 55 जिलों में उपयंत्रियों ने सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा. जो मुख्यमंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, एसीएस पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा जिला कलेक्टरों को संबोधित था. ज्ञापन में कहा गया कि 5 दिनों के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो सभी उपयंत्री अपने परिवारजनों और रिश्तेदारों सहित भोपाल स्थित विकास भवन का घेराव करेंगे.
समर्थन में आये
उपयंत्रियों का कहना है कि उपयंत्रियों की 8 सूत्रीय मांगों के समर्थन में प्रदेश के कई विधायक एवं मंत्री भी अनुशंसा कर चुके है. विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी आंदोलन को मिल रहा है.
हड़ताल से कार्य प्रभावित
हड़ताल के चलते पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्य प्रभावित हुए है. मनरेगा योजनाओं का संचालन बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रो में विकास कार्य चरमरा गए है.
ज्ञापन सौंपते समय विनय कुशवाहा,सूरज मालवीय,जितेन्द्र सिंह सोनगरा, अमित तिवारी, प्रवीण पाटोदे ,रणवीरसिंह यादव , बलवीर,संदीप पाटिल , नरेंद्र कुमार ,पंकज , राजकुमार सिंह आदि उपयंत्री उपस्थित रहे.
