
नैनपुर। नगर के वार्ड क्रमांक 5 और 13 सहित रेलवे कॉलोनियों में लंबे समय से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गंदा और कम दबाव वाला पानी सप्लाई होने से रेलकर्मियों और उनके परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सोमवार को आक्रोशित महिलाओं ने सैकड़ों की संख्या में सहायक मंडल अभियंता (AEN) कार्यालय पहुंचकर समस्या के त्वरित समाधान की मांग की। रेलवे कॉलोनी के निवासियों ने बताया कि पानी की पाइपलाइन कई दशक पुरानी हो चुकी है, जिसमें जगह-जगह लीकेज और जंग लगने से पानी दूषित होकर घरों तक पहुंच रहा है। कई बार मरम्मत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। रेल कर्मचारियों का कहना है कि दिनभर ड्यूटी के बाद घर लौटने पर उन्हें पीने और घरेलू उपयोग के लिए गंदा पानी ही नसीब होता है महाप्रबंधक ने दिए थे तत्काल कार्रवाई के निर्देश
स्थानीय निवासियों ने हाल ही में रेलवे महाप्रबंधक (GM) को लिखित में शिकायत कर पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति की समस्या से अवगत कराया था। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए महाप्रबंधक ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद AEN सहित विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन और सप्लाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। पानी की मुख्य पाइपलाइन लोहे की पुरानी लाइन है, जिसमें वर्षों से जंग और अवरोध बढ़ने के कारण दबाव कम हो गया है। लीकेज के चलते सीवरेज का पानी पाइप में मिलकर सप्लाई को दूषित कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पूरी लाइन को नई पीवीसी या डक्टाइल पाइप से नहीं बदला जाएगा, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है । महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पाइपलाइन बदलने का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगी। उपभोक्ताओं ने रेलवे प्रशासन से आग्रह किया है कि पाइपलाइन रिप्लेसमेंट के लिए बजट आवंटन कर तत्काल टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए और अस्थायी तौर पर वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध कराए जाएं। रेलवे अधिकारियों ने महिलाओं को आश्वासन दिया है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही इस पेयजल समस्या का शीघ्र निराकरण होगा और कॉलोनीवासियों को स्वच्छ पानी मिल सकेगा।
