
सिंगरौली। मोरवा थाना के साईनगर निवासी पवन शाह की हुई निर्मम हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इस जघन्य अपराध में एक बाल विरूद्ध अपराधी भी शामिल है।
गौरतलब है कि साईनगर निवासी पवन शाह उम्र 15 वर्ष 9 मार्च की रात करीब 9:20 बजे अचानक लापता हो गया था। इसके बाद 11 मार्च को पवन का शाह का पिपड़खड़ गांव के सुने मकान में शव मिला था। संदेहियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछतांछ किया, जहां आरोपी इरशाद एवं एक बाल विधि विरूद्ध बालक व पंकज गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछतांछ की गई। जहां आरोपी इरशाद व नाबालिक बालक ने जुर्म कबूल करते हुये पुलिस को बताया था कि जिस रात में गायब किया था, रात करीब 10:30 बजे उसकी पत्थर से पीट कर हत्या कर दी गई थी, यहां बताते चले कि मृतक के परिजनों ने पवन के लापता होने की सूचना मोरवा टीआई को 9 मार्च की रात करीब 1:30 बजे दिया था। जबकि मृतक पवन की हत्या रात 10:30 बजे ही कर दी गई थी। अब चर्चा इस बात की हो रही है कि पुलिस की इसमें गलती कहां थी। हालांकि पुलिस ने तीनों आरोपियों को तत्काल हिरासत लेने में कामयाब रही। इसे सफलता की दृष्टि से लिया जा रहा है। परंतु अराजक तत्वों ने पुलिस को निशाने पर लिया था, इसके पीछे एक नही, अनेक कारण गिनाएं जा रहे हैं। कुछ तथाकथित दलाल मोरवा पुलिस की किरकिरी कराने के लिए लोगों को हवा दे रहे थे। अब ऐसे लोगों को पुलिस चिन्हित भी कर रही है।
पुलिस के निशाने पर उपद्रवी, फुटेज की तलाश तेज
पवन शाह हत्याकांड के बाद हुये हंगामा राष्ट्रीय राजमार्ग-39, को बाधित करने, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़, पत्थरबाजी एवं आगजनी करने वाले अराजक तत्वों एवं उपद्रवी पुलिस के निशाने पर हंै। सूत्र बताते हैं कि मोरवा पुलिस फुटेज की तलाश तेज कर दी है। ऐसे में उपद्रवियों पर अपराध भी दर्ज हो सकता है। साथ ही लाठी भाजने वाले महिलाएं व अराजक तत्व पुरूष पर भी अपराध दर्ज हो सकता है।
