
जबलपुर। मानदेय की वार्षिक वृद्धि रोके जाने और एरियर के भुगतान न होने से आक्रोशित जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर अब 16 मार्च को हड़ताल पर नहीं जाएंगे। इसी मुख्य वजह मप्र राज्य शासन ने जूनियर डॉक्टरों की शुक्रवार को एक आदेश जारी कर दोनों मांगें पूरी कर दीं हैं। विदित हो कि नवभारत ने गत 10 मार्च के अंक में उप मुख्यमंत्री ने लगाई उम्मीद के शीर्षक की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिसके बाद उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का ध्यान आकर्षित हुआ और शुक्रवार को जबलपुर सहित प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों को राहत भरी खबर मिली।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष डॉ. शुभांशू शर्मा ने नवभारत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन ने मानदेय की वार्षिक वृद्धि को लागू कर दिया है वहीं एरियर के भुगतान के भी आदेश कर दिए हैं जिससे जूनियर डॉक्टर्स के खेमे में हर्ष का माहौल है।
9 मार्च को दिया था हड़ताल का अल्टीमेटम
जानकारी के अनुसार विगत 9 मार्च को जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स ने डीन डॉ नवनीत सक्सेना को अल्टीमेटम दिया था कि 16 मार्च तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं हैं तो पूरे जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर चले जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी मेडिकल डीन और राज्य शासन की होगी। इसी दिन जूनियर डॉक्टर्स के एक समूह ने उप मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई थी जिस दौरान उन्हें आश्वासन मिला था कि 16 मार्च के पहले उनकी मांगों का निराकरण कर दिया जाएगा। इसके बाद अब शुक्रवार को जूनियर डॉक्टर्स को राहत मिल गई है।
11 माह से काट रहे थे चक्कर
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष डॉ. शुभांशू शर्मा ने नवभारत से चर्चा के दौरान ये बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर पिछले 11 महीने से डीन कार्यालय के चक्कर काट रहे थे लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। जब उन्होंने हड़ताल का अल्टीमेटम दिया और उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की तब कहीं जाकर उनकी सुनवाई हुई।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा मानदेय में वार्षिक वृद्धि का प्रावधान था जिसे वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक लागू किया गया। लेकिन वर्ष 2025 से मानदेय में 3 से 4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को प्रशासनिक उदासीनता के चलते रोक दिया गया था। इसी को लेकर जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश था और फिर उन्होंने हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम मेडिकल डीन और राज्य सरकार को दे दिया था।
