खिलचीपुर: भक्ति की शक्ति वह दिव्य ऊर्जा है जो हमें प्रेम, श्रद्धा, और समर्पण से भर देती है। ऐसा ही पर्व शारदीय नवरात्रि सोमवार से शुरू हो गया है. नगर के प्राचीन अद्भुत वर्षों पुराना बराई माता मंदिर पंडा जी बाग रोड स्थित है. जहां पर आस्था विश्वास एवं भक्ति का केंद्र देखने को मिलता है. जहां पर श्रद्धा भाव के साथ माता के मंदिर में नो दिनों तक जोत जला कर शारदीय नवरात्रि एवं चैत नवरात्रि पर माता रानी की उपासना की जाती है. माता रानी के दरबार में शारदीय नवरात्रि में हजारों श्रद्धालु दरबार में मत्था टेक मन्नत मांग कर दर्शन लाभ अर्जित करेंगे.
यहां की विशेषताएं
सदस्यों में उमा शंकर प्रजापति, सोनू मेवाडे से मिलीं जानकारी से जिन बच्चों को छोटी माता जी (चेचक) निकलती हैं श्रद्धा अनुसार माता रानी के यहां पांच या दो अगरबत्ती लगाकर मनोकामना मनोकामना पूर्ण स्वरूप 5 कंकर घीस कर लैप लगाने से बच्चों के चेचक कुछ ही दिनों में ठीक होने लगती है मनोकामना पूर्ण होने के बाद माता रानी को मीठे भजिये का भोग लगाते हैं, एवं चना चुरोंजी, नारियल प्रसाद भी चढ़ाया जाता है. जहां पर कई श्रद्धालु माता रानी के दरबार में मत्था टेक आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. वही नवरात्रि में हजारों श्रद्धालु माता बहने माता रानी के दरबार में दर्शन लाभ अर्जित करने पहुंचते हैं. यह मंदिर अन्द्भुत वर्षों पुराना प्राचीन कल से बावड़ी के अंदर स्थित है, यहां पर आने वाले हर भक्तों की मुराद श्राध्दा भाव से मांगें जाने पर माता रानी अवश्य पुरी करती है.
