
ग्वालियर। कांग्रेस नेता जितेन्द्र सिंह भदौरिया ने भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर उनके द्वारा दिया बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। दिग्विजय सिंह अपना बड़प्पन दिखाते हुए खुद कह चुके हैं कि वह श्रीनिवास तिवारी के परिवार से जुड़े व्यक्ति हैं व सुंदरलाल तिवारी उनके राजनीतिक मार्गदर्शक थे। भदौरिया ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने एक बड़े नेता होने का परिचय देते हुए ठीक ही कहा है रिश्तो की मर्यादा को ध्यान में रखकर बहुत सारी चीजें नहीं बोलूंगा। जितेन्द्र भदौरिया ने कांग्रेस में श्रीनिवास तिवारी की उपेक्षा होने के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए याद दिलाया कि श्रीनिवास तिवारी 1972 में समाजवादी पार्टी से विधायक बने थे। अगले ही वर्ष 1973 में समाजवादियों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस ने उनको वहीं से टिकट दिया, जहां से वे विधायक थे। 1980 में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह स्वास्थ्य मंत्री बने। इसके बाद विधानसभा के उपाध्यक्ष बने। 1993 और 1998 में दिग्विजय सिंह की कांग्रेस सरकार के दौरान वे विधानसभा अध्यक्ष रहे। 2003 के बाद कांग्रेस की सरकार नहीं आई ऐसे में उनके साथ अन्याय का सवाल ही नहीं उठता। भदौरिया ने मांग की कि दिग्विजय पर टीका टिप्पणी के लिए विधायक सिद्धार्थ तिवारी अविलंब माफी मांगें।
